इन घरेलू उपायों से घर बैंठे ही करें साइनस का उपचार…

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। बारिश के शुरू होते ही कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या हो जाती है। लेकिन यदि यही सर्दी-जुकाम लंबे समय तक बना रहे तो वह साइनस भी हो सकता है। इस बदलते मौसम में साइनस के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। क्या है साइनसरू साइनस नाक में होने वाला रोग है, जिसमें नाक की हड्डी बढ़ जाती है या तिरछी हो जाती है। साइनस बारिश के शुरू होते ही कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या हो जाती है। लेकिन यदि यही सर्दी-जुकाम लंबे समय तक बना रहे तो वह साइनस भी हो सकता है। इस बदलते मौसम में साइनस के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। क्या है साइनसरू साइनस नाक में होने वाला रोग है, जिसमें नाक की हड्डी बढ़ जाती है या तिरछी हो जाती है। इस कारण सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इससे ग्रसित व्यक्ति को ठंडी हवा, धूल, धुआं आदि में भी परेशानी महसूस होती है।
प्रमुख लक्षण: सिरदर्द-बुखार होना, नाक से कफ निकलना और बहना, खांसी आना या कफ जमना, दांत में दर्द रहना, चेहरे पर सूजन आना, कोई गंध न महसूस होना, साइनस की जगह दबाने पर दर्द का होना आदि इसके लक्षण हैं।
उपचार: वैसे तो साइनस कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन इसके प्रति लापरवाह होना घातक हो सकता है। आगे चलकर इससे अस्थमा होने की भी संभावना रहती है। आजकल इसका ऑपरेशन दूरबीन विधि से या फिर नाक की इंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी करा सकते हैं। साइनस से ग्रसित व्यक्तियों को धुएं और धूल से बचना चाहिए। घरेलू निदान: इस रोग में अकसर नाक से पानी बहता रहता है। ऐसे में स्टीम लेना बेहद फायदेमंद होता है। एक बर्तन में गर्म पानी लें और तौलिए का इस्तेमाल करते हुए मुंह ढंक लें। गर्म पानी का भाप जैसे-जैसे नाक में जाएगा आपकी नाक पूरी तरह से खुल जाएगी और आपको आराम मिलेगा। गर्म पेय पदार्थों जैसे वेजिटेबल सूप या गर्म पानी लेना भी राहत देता है।

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