सही जगहों पर कलावा बांधने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए लोग पूजा-पाठ, मंत्र-जाप, वास्तु उपाय जैसे कई तरीके अपनाते हैं। वास्तु शास्त्र में कलावे को बेहद शुभ माना जाता है और इसे घर के कुछ खास स्थानों पर बांधना सौभाग्य, शांति और समृद्धि का कारण बनता है। वास्तु और एस्ट्रोलॉजी एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सही जगहों पर कलावा बांधने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं।

घर में सकारात्मकता बढ़ाने का सरल उपाय
घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे, इसके लिए हम कई तरह के धार्मिक और वास्तु उपाय अपनाते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कलावा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि घर की ऊर्जा को संतुलित करने में भी कारगर माना जाता है।

कलावा क्यों माना जाता है शुभ?
कलावा को हिंदू धर्म में मंगलसूचक धागा कहा जाता है। पूजा-पाठ, अनुष्ठान और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत इसी के साथ की जाती है। यह एक रक्षा कवच की तरह काम करता है और घर में सकारात्मकता को आकर्षित करता है।

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मुख्य द्वार पर बांधें कलावा
मुख्य द्वार को घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। रिद्धि बहल बताती हैं कि मुख्य द्वार की चौखट या द्वार के ऊपरी हिस्से के बीच में कलावा बांधने से नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुक जाता है। यह परिवार के लिए सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है और शुभ ऊर्जा को आकर्षित करता है।

तिजोरी और धन स्थान पर जरूर बांधें
घर की तिजोरी, कैश बॉक्स या पैसे रखने वाली अलमारी पर कलावा बांधना बेहद शुभ माना जाता है। इसे देवी लक्ष्मी का स्थान माना जाता है। यहां कलावा बांधने से धन की स्थिरता, बरकत और आर्थिक वृद्धि होती है।

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पूजा के कलश या जल स्थान पर बांधें
वास्तु के अनुसार कलश देवी-देवताओं और पवित्र नदियों का प्रतीक है। पूजा में रखे कलश के मुख पर कलावा बांधने से घर में शांति, पवित्रता और मानसिक शीतलता बनी रहती है।

कलावा बांधते समय इन बातों का ध्यान रखें
कलावा किसी शुभ दिन ही बांधना चाहिए। पुराना हो जाने पर इसे उतारकर जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, आप चाहें तो हर शुक्रवार नया कलावा भी बांध सकते हैं, इससे घर में उर्जा संतुलित रहती है।

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