उत्तराखण्ड: लॉक डाउन पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का बड़ा बयान: पढ़े पूरी खबर

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समाचार सच, देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखण्ड से लगे अन्य राज्यों के बॉर्डर तक लोगों को पहुंचाने के लिये राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला जारी किया है। शनिवार की देर सायं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लॉक डाउन पर बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में फंसे हुए लोगों को अपने गंतव्य की ओर भेजने के लिये मंगलवार 31 मार्च को राज्य में प्रातः 7 बजे से सायं 8 बजे तक परिवहन व्यवस्था को सुचारू करेंगे। उक्त व्यवस्था एक दिन के लिये की जा रही हैं। जबकि आवश्यक वस्तुओं की दुकानों का संचालन पूर्व की भांति प्रातः 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेंगा।

प्रदेश के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जारी वीडियों के माध्यम से बोलते हुए कहा कि हमने यह महसूस किया है कि राज्य के अंदर कई ऐसे विद्यार्थी, ऐसे लोगों जो अपने इलाज को अपने जिले से बाहर निकले थे और ऐसे लोग राज्य के जिलों में रह रहे हैं और फंसे हुए हैं। इसलिये राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है, मंगलवार को 31 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे तक परिवहन संचालन खोलेंगे। जिन लोगों को भी अपने घरों पर जाना है वे इस दौरान अपने टू व्हीलर, फोर व्हीलर, टैक्सी व परिहवन निगम की बसों से दूसरे जिले में जा सकते हैं। लेकिन उस दिन आवश्यक वस्तुओं का बाजार का समय पूर्व की भांति जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी हेतु जो उनके द्वारा 7.00 से 10.00 की समय को बढ़ाकर जो अब 7 बजे से 1 बजे तक किया है, उसके बड़े अच्छे परिणाम आ रहे हैं, जो पहले दुकानों में भीड़ दिख रही थी, वह अब कम दिखाई दे रही है। उनका कहना था कि देश के प्रधानमंत्री ने सोशल डिस्टेंस की बात कही है वह आज उत्तराखंड में साफ-साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि लॉक डाउन के समय आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से 1 बजे तक का समय अभी चलता रहेगा। राज्य की जनता ने उक्त व्यवस्था की तारीफ की है। उनका कहना था कि जो हमारे पुलिस के जवान और पुलिस की बेटियां है उनकी भूमिका भी सराहनीय है, ऐसी प्रतिक्रिया हमें समाज से मिल रही है।

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दिल्ली व मुम्बई में उत्तराखण्ड भवन राज्य के फंसे लोगों के लिये खोले
उन्होंने बताया कि दिल्ली में उत्तराखंड सदन दरवाजे भी उत्तराखंड के वहां फंसे हुए लोगों के लिए खोल दिए हैं और वहां उत्तराखंड के मरीजों व तीमारदारों के लिए जो भवन किराए में लिए था। उसको भी उत्तराखण्ड भाइयों बहनों के लिए तैयार किया गया और उसमें उनके भोजन व स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गयी हैं। साथ ही 50 लाख रुपया वहां हमारे एडिशनल रेजीडेंट कमीश्नर को दिया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को मुम्बई में जो उत्तराखण्ड प्रवासी है, जिनके पास रहने की व्यवस्था नहीं है, उनके लिये वहां उत्तराखण्ड निवास भवन भी खोल दिया गया हैं। उनके लिये भी खाने पीने और स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्था करेंगे।

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राज्य पेशनरों को भी राहत
उन्होंने बताया कि जो राज्य के पेशनर हैं जिनकों मार्च के माह मे अपने जीवित रहने का प्रमाण पत्र देना पड़ता है। उनके लिये एक माह का समय बढ़ा दिया गया हैं और उनको अप्रैल माह की पैंशन भी मिलती रहेगी।

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