श्राद्ध पक्ष 2026: इंदिरा एकादशी के दिन पितरों के लिए दीपदान जरूर करें, इससे आपको पितरों का आशीर्वाद मिलेगा

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कल पितरों को समर्पित इंदिरा एकादशी है, इस एकादशी का व्रत रखकर आप अपने पितरों को सद्गति दिला सकते हैं। इसकी कथा में भी इसका उल्लेख किया गया है। एकादशी का व्रत रखते हैं तो इस दिन दीपक का एक छोटा सा उपाय जरूर करें। इस दिन पितरों के लिए दीपदान जरूर करें, इससे आपको पितरों का आशीर्वाद मिलेगा। कैसे और कब करना है दीपदान यहां जानें

कैसे करें दीपक का उपाय
एकादशी की शाम चार मुखी दीपक पितरों के लिए के लिएजलाएं, आटें में हल्दी, काले तिल डालकर इसका दीपक बना लें, इसमें गुड़ भी मिला लें, इअसके बाद इसमें चारबाती लगाएं, इसका दीपक आपको पीपल के पेड़ के नीचे जलाना चाहिए, इसके अलावा किसी नदी के पास भी दीपदान कर सकते हैं, इससे पितर प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि का आशार्वाद देकर आपको जाते हैं। इसके अलावा घर में एक दीपक तुलसी के सामने भी जलाना चाहिए, इससे भी पितर प्रसन्न होते हैं।

किस दिन है एकादशी और किस योग में मनेगी एकादशी
महालय पक्ष की इंदिरा एकादशी छह अक्तूबर, मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। इस दिन बहुत ही अच्छा योग है। व्रत रखने से अच्छा फल मिलेगा। आचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पितरों की प्रसन्नता के साथ मोक्ष की प्राप्ति का विशेष धार्मिक महत्व है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि छह अक्तूबर की मध्यरात्रि 12रू35 बजे तक रहेगी। अश्लेषा नक्षत्र रात 10रू17 बजे तक रहेगा। सिद्धि योग सुबह 7रू20 बजे तक रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 10रू17 बजे तक कर्क राशि में स्थित रहेंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6रू11 बजे से रात 10रू17 बजे तक रहेगा।

यह भी पढ़ें -   पत्नी के प्रेमी ने खोला राज तो पति बना निशाना, जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट

एकादशी का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार इंदिरा एकादशी पर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। महालय पक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का पितृ तर्पण और श्राद्ध की दृष्टि से भी विशेष महत्व माना जाता है। इस एकादशी का व्रत बहुत अधिक महत्व है, इसलिए घर में सभी को यह व्रत रखना चाहिए।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -   क्यों मृत्यु के बाद नाक-कान में क्यों लगाते हैं रुई? धार्मिक मान्यताओं में इसके क्या कारण बताए जाते हैं
Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440