उत्तराखंड कांग्रेस ने डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर की गोष्ठी आयोजित

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समाचार सच, देहरादून। भारत रत्न संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर महानगर कांग्रेस के तत्वाधान में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन देहरादून में गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। गोष्ठी के दौरान सभी उपस्थित जनों को माहरा ने शुभकामनाएं देते हुए बाबा साहेब के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर माहरा ने कहा कि आज बाबा साहेब उनके द्वारा रचित संविधान एवं संविधान के मूल्यों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। बाबा साहेब कांग्रेस पार्टी की अमूल्य धरोहर है। इस संतति को संजोकर रखना हम सबका दायित्व है। माहरा ने कहा कि आज जो लोग सत्ता में बैठें हैं वह लगातार संविधान की हत्या करने पर उतारू हैं।

माहरा ने जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड शासन ने दिनांक 16 सितम्बर 2022 की अधिसूचना के माध्यम से उत्तराखंड राज्य शैक्षिक (अध्यापन संवर्ग) नियमावली में परिवर्तन करते हुए लोकसेवा आयोग से विभागीय परीक्षा में सीधी भर्ती के समान आरक्षण को समाप्त कर दिया गया है। इस आदेश से ऐसा परिलक्षित होता है कि उत्तराखण्ड सरकार अनुसूचित जाति/ जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने की दिशा में प्रयासरत है।

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माहरा ने कहा कि दिल्ली सरकार के बजट में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की शिक्षा योजनाओं के लिए धन कम किया गया है। माहरा ने कहा कि पिछले वर्ष के 446.07 करोड़ रुपये की तुलना में इस वर्ष अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के शैक्षिक विकास के लिए कुल 151.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। हालाँकि शिक्षा क्षेत्र को दिल्ली सरकार के बजट में सबसे अधिक हिस्सा मिला है – 78,800 करोड़ रुपये का कई योजनाओं के लिए आवंटन, विशेष रूप से अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए, इस वर्ष महत्वपूर्ण कमी देखी गई है।

माहरा ने कहा कि भारत सरकार के बजट 2022 -23 में, अनुसूचित जाति विकास के बजट आबंटन में, गत वर्ष की तुलना में 988 करोड़ रूपये की कटौती की गई हैै. बतायें कि बजट में कमी करने से, अनुसूचित जाति के विकास और कल्याण को कैसे फायदा होगा ? माहरा ने पूछा कि केन्द्र सरकार को स्कॉलरशिप के लिए 2021-22 में 21,484 आवेदन के सापेक्ष 2022-23 में 6,142 ही आवेदन क्यों प्राप्त हुए ?

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अंबेडकर जयंती के खास मौके पर महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि भारतीय कानून और संविधान में डॉ. भीमराव द्वारा दिए गए योगदान के लिए उन्हें सम्मान और श्रद्धांजलि दी जाती है. संविधान के निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर का व्यक्तित्व बहुत महान था. समाज में परिवर्तन लाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. दलितों के लिए वे किसी भगवान से कम नहीं हैं. राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर दलितों से सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए अभियान भी चलाया था. साथ ही महिलाओं, किसानों के अधिकारों का भी समर्थन किया करते थे।

इस मौके पर महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, उपाध्यक्ष संगठन/प्रशासन मथुरा दत्त जोशी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, नानकचन्द, गोदावरी थापली, अनिल नेगी, आशा टम्टा, गोपाल दादर, डॉ0 अरुण रतूड़ी, नीरज त्यागी, सीपी सिंह, राव नसिम, सूरज क्षेत्री, अभिषेक तिवारी, प्रवीन शाह, रामबाबू, संजय भारती, मोहन काला, एसबी थापा, अनूप पासी, मोहन थापली, अरुण सक्सेना, आदि उपस्थित रहे।

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