समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सितंबर व्रत और त्योहारों का महीना है। इसमें गणेश उत्सव और गणपति विसर्जन होगा। फिर पितृ पक्ष शुरू होगा। जो कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में खत्म होगा। श्राद्ध पक्ष खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्र शुरू हो जाएंगे। इस तरह पूरा महीना व्रत-उपवास और पूजा-पाठ में बीतेगा। इस महीने गणेश उत्सव, दूर्वाष्टमी, एकादशी, प्रदोष और अनंत चतुर्दशी जैसे खास व्रत भी रहेंगे। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने इस संबंध में बातचीत में त्योहारों के बारे में जानकारी दी।
1 सितंबर, गणेश उत्सव और ऋषि पंचमी व्रत – 1 सितंबर को गणेश उत्सव का दूसरा दिन और 9 तारीख को आखिरी दिन रहेगा। इस तारीख को 10 दिनों का उत्सव खत्म होगा और अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन किया जाएगा।
3 सितंबर, दूर्वाष्टमी और राधाष्टमी – महीने के पहले शनिवार को भगवान गणेश की दूर्वा से विशेष पूजा की जाएगी। इसलिए इसे दूर्वाष्टमी कहा जाता है। इस दिन देवी राधा का भी प्राकट्य उत्सव मनाते हैं। इसलिए इसे राधाष्टमी कहते हैं।
6 सितंबर, फूल डोल एकादशी – इसे परिवर्तनी एकादशी भी कहते हैं। मान्यता है, देवशयनी एकादशी के बाद इस दिन भगवान करवट बदलते हैं। इसलिए इसे परिवर्तनी कहा गया। वहीं, ये भी माना जाता है कि जन्माष्टमी के 16 दिन बाद इसी तिथि पर कृष्ण भगवान की सूरज पूजा यानी जलवा पूजन हुआ था।
7 सितंबर, वामन जयंती – इस दिन द्वादशी तिथि होने से वामन जयंती मनाई जाएगी। इस तिथि पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करने का विधान है।
9 सितंबर, अनंत चतुर्दशी – इस दिन भगवान अनंतदेव की पूजा की जाएगी। साथ ही इस दिन गणेश उत्सव का समापन होगा और गणपति विसर्जन किया जाएगा।
10 सितंबर, भाद्रपद पूर्णिमा – ये श्राद्ध की पूर्णिमा भी होती है। यानी इस दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस बार पितरों का ये पर्व 25 सितंबर तक रहेगा।
26 सितंबर, नवरात्रि की शुरुआत – पितृ अमावस्या के अगले दिन से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगा। इस दिन शक्ति आराधना का पर्व शुरू हो जाएगा। जो कि 5 अक्टूबर को दशहरे के साथ खत्म होगा।



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