समाचार सच, देहरादून डेस्क। नगर निगम की बोर्ड बैठक में किन्नर समुदाय को बधाई राशि के रूप में अधिकतम 5100 रुपये देने का फैसला अब विवादों का कारण बन गया है। इस निर्णय का विरोध करते हुए राज्य मंत्री रजनी रावत ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो वह इस मामले को हाईकोर्ट तक ले जाएंगी।
नगर निगम की दो दिन तक चली बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक के दूसरे दिन, किन्नरों द्वारा बधाई राशि को लेकर पार्षदों ने अपनी चिंताएं जताईं। काफी चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि अब किन्नरों को किसी भी विवाह समारोह या खुशी के मौके पर अधिकतम 5100 रुपये की बधाई राशि दी जाएगी।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि यह मुद्दा पहले भी बोर्ड की बैठकों में उठ चुका था। पिछले अधिवेशनों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, और अब यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम इस निर्णय के संबंध में जन जागरूकता अभियान चलाएगा।
हालांकि, इस फैसले के खिलाफ रजनी रावत ने शनिवार को नगर निगम पहुंचकर मेयर सौरभ थापरियल और नगर आयुक्त से मुलाकात की। रजनी रावत ने कहा कि यह किन्नर समुदाय के अधिकारों और उनकी परंपराओं में हस्तक्षेप है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता, तो वह इसे हाईकोर्ट में चुनौती देंगी।
रजनी रावत ने कहा, “हम किसी से जबरदस्ती पैसा नहीं लेते हैं, लोग अपनी खुशी से हमें देते हैं। नगर निगम का यह फैसला पूरी तरह से गलत है, और अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो हम इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।”



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