पहली बार हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक, व्यापारियों को राहत देने वाले जन विश्वास संशोधन विधेयक को मंजूरी; बाढ़ मैदानों के नियमन से लेकर 215 पदों की निरंतरता तक लिए गए अहम निर्णय
समाचार सच, हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक पहली बार हरिद्वार में आयोजित हुई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर मंगलकामना की। बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने, आपदा प्रबंधन, संस्कृति, शिक्षा एवं जनकल्याण से जुड़े कुल 13 महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट के फैसलों में सेवामुक्त अग्निवीरों को समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में राहत देने वाली नई नियमावली, छोटे व्यापारिक एवं प्रक्रियात्मक अपराधों में सुधार के लिए जन विश्वास संशोधन विधेयक, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निर्माण एवं विकास गतिविधियों को व्यवस्थित करने की नियमावली प्रमुख रही।
इसके अलावा मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को विकसित करने, स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता बढ़ाने और हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना को राहत देने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
1.सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में राहत, नई नियमावली को मंजूरी
उत्तराखंड सरकार ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है।
इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली के तहत सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। अब केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप नई नियमावली तैयार की गई है, जिसमें लिखित परीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षा में छूट से संबंधित प्रावधान शामिल किए गए हैं।
इस फैसले का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाना है।
2.मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को मिलेगा नया स्वरूप
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
प्रस्तावित योजना के तहत संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को प्रोत्साहित करना है। इससे हरिद्वार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को शोध और अध्ययन से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
3.सरकारी परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से मिलने वाली आय का 92 प्रतिशत संबंधित संस्थाओं को
कैबिनेट ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी है।
इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
इस फैसले का उद्देश्य सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन करना और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों के उपयोग को अधिक प्रभावी बनाना है।
4.व्यापारियों को राहत देने के लिए जन विश्वास संशोधन विधेयक को मंजूरी
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और कारोबार करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है।
प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य कारोबारियों और आम नागरिकों पर छोटी प्रक्रियात्मक गलतियों के कारण पड़ने वाले अनावश्यक कानूनी बोझ को कम करना है। हालांकि, विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी मिली है; इसके प्रावधानों का अंतिम स्वरूप विधायी प्रक्रिया के बाद तय होगा।
5.बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निर्माण और भूमि उपयोग के लिए नए नियम
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को व्यवस्थित एवं नियंत्रित करना है।
नियमावली के तहत उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी।
इस व्यवस्था से बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने तथा जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संभावित नुकसान से सुरक्षित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
6.विधानसभा के तृतीय सत्र की तैयारी को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी प्रदान की है। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
7.अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के लिए नया कानून लाने की तैयारी
प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है।
यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से औद्योगिक विकास, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आपदाओं और संभावित आग की घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा अग्निशमन कानून को पुनरीक्षित कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
8.संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में होगा बदलाव
कैबिनेट ने उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 में वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी है।
इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में पहले दर्ज ‘निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग’ के स्थान पर ‘महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड’ को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
9.स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता बढ़ी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी गई है।
यह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक के लिए बढ़ाई गई है। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।
10.हरिद्वार की किफायती आवासीय परियोजना को राहत
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की निर्धारित चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई है।
लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित 9 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है।
यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित है।
11.ऊधम सिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन के आदेश में त्रुटि सुधरेगी
कैबिनेट ने ऊधम सिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी है।
कुल 24,280 वर्गमीटर भूमि से संबंधित 10 नवंबर 2023 के शासनादेश में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।
12.बहादुर बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार
उत्तराखंड के साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई है।
इस योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों के साहस को पहचान देना, उन्हें प्रोत्साहित करना और दूसरे बच्चों को भी कठिन परिस्थितियों में मानवता एवं बहादुरी का परिचय देने के लिए प्रेरित करना है।
13.प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार का जताया आभार
कैबिनेट ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।
बैठक में राज्य की विशिष्ट पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई।
हरिद्वार में हुई इस कैबिनेट बैठक में रोजगार, व्यापार, संस्कृति, आपदा प्रबंधन, आवास, प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई विषयों पर निर्णय लिए गए। इन फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित नियमों एवं विधायी प्रक्रियाओं के आगे बढ़ने के साथ इनके वास्तविक परिणाम सामने आएंगे।

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