उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में 19 अहम फैसलों पर मुहर, अब छात्रों को मिलेंगी नई सुविधाएं

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समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की 36वीं विद्यापरिषद की बैठक में विद्यार्थियों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उच्च शिक्षा, शोध, डिजिटल शिक्षा और नए पाठ्यक्रमों को लेकर 19 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई, जिनसे आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में हाइब्रिड मोड में आयोजित बैठक में कुलसचिव एवं सदस्य सचिव खेमराज भट्ट ने कार्यसूची परिषद के समक्ष प्रस्तुत की। विस्तृत चर्चा के बाद सभी प्रस्तावों को अनुमोदित एवं संस्तुत किया गया।

बैठक में यूजीसी-डीईबी की मान्यता के अनुरूप बी.एड. (ओडीएल) और बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस कार्यक्रमों के संचालन को स्वीकृति दी गई। साथ ही नेपाली विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए प्रायोजन नीति तथा पीएचडी प्रवेश व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

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विद्यापरिषद ने ‘स्वामी विवेकानन्द उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना’, शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पुरानी अध्ययन सामग्री का विद्यार्थियों को निःशुल्क वितरण, दीक्षांत समारोह से पहले उपाधि उपलब्ध कराने की व्यवस्था तथा यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कृषि एवं उद्यानिकी विषयों के संचालन को भी हरी झंडी दी।

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इसके अलावा विश्वविद्यालय के अध्ययन केन्द्रों पर एनसीवीईटी (NCVET) से मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों के संचालन की नियमावली, सीआईक्यूए (CIQA) की संस्तुतियां, विभिन्न बोर्ड ऑफ स्टडीज़ की अनुशंसाएं, परीक्षा परिणामों में स्क्रूटनी के बाद होने वाले संशोधनों तथा विद्यार्थियों के लिए दूरदर्शन उत्तराखण्ड पर प्रतिदिन 30 मिनट के शैक्षणिक प्रसारण के प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक में ऑनलाइन माध्यम से प्रो. एच.सी. पोखरियाल, प्रो. पी.एस. बिष्ट, डॉ. मनु प्रताप सिंह और डॉ. एच.सी. पुरोहित सहित कई बाह्य विशेषज्ञ शामिल हुए, जबकि विश्वविद्यालय के निदेशक, संकाय सदस्य एवं अन्य आमंत्रित सदस्य प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

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