सफाई कर्मियों की मांगों के समाधान की पहल पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष अजय राजौर ने जताया आभार

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समाचार सच, हल्द्वानी। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उपाध्यक्ष अजय राजौर ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेकर समाधान करने की पहल के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि राज्य के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को कैबिनेट में लाकर उनका तत्काल निस्तारण हो जायेगा जिसका लाभ शीघ्र ही राज्य के समस्त सफाई कर्मचारियों मिलेंगा।

गुरूवार को यहां लालडांठ रोड स्थित कार्यालय में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष अजय राजौर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों की मांगों के शीघ्र निस्तारण के आश्वासन दिये है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सफाई कर्मचारी यूनियनों के साथ हुई वार्ता में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा गठित ढ़ांचे में संसोधन के लिए उसे कैबिनेट में लाकर समाप्त करने, बीमा पुर्न जीवित कर उसकी राशि बढ़ाने, रिक्त पदों पर संविदा व स्वच्छता समिति में कार्यरत दस वर्ष पूरे कर चुके कर्मचारियों के नियमितीकरण, शिक्षित कर्मियों की पदोन्नति, पदोन्नति में अवरोध बने भर्ती संबंधी आदेश निरस्तीकरण समेत 14 सूत्रीय मांग पत्र पर पर पूर्ण रूप से सहमति व शासन आदेश जारी करने के निर्देश दिये गये हैं।

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समस्याओं पर पूर्ण रूप से सहमति व शासन आदेश जारी करने के दिये गये निर्देश इस प्रकार से है:

  1. कांग्रेस सरकार द्वारा गठित सफाई कर्मचारियों से सम्बंधित ढाँचे में संशोधन करने के लिए तथा वह बिंदु जिससे सफाई कर्मचरियो को हानि नुकसान उत्पीड़न हो रहा था। उन बिन्दुओ को समाप्त करने के लिए कैबिनेट में लाकर समाप्त किया जायेगा।
  2. समस्त सफाई कर्मचारियों का सामूहिक बीमा पूर्व सकरार ने बंद कर दिया था उसको पुनः जीवित करते हुऐ 1 लाख रु0 की धन राशि को बढ़ाते हुऐ 200000 रू किया गया। जिसकी समस्त किस्तें सरकार द्वारा अदा की जायेगी।
  3. वर्तमान समय में मृत्यु होने के उपरान्त तथा सेवानिवृत होने पर सफाई कर्मचारियों केे पद मृत घोषित हो जा रहे थे। इसमें भी सरकार द्वारा पूर्ण रूप से सहमति बनी है। कि उत्तराखण्ड राज्य के गठन के समय जो पद सफाई कर्मचारियों के पद विभिन्न निकायो में सृजत थे जिसकी संख्या लगभग 5000 थी वह पुर्न जीवित किये जायेंगे।
  4. समस्त रिक्त पदों पर संविदा व स्वच्छता समिति में कार्यरत सभी कर्मचारियों जिनकी सेवाएं लगातार 10 वर्ष हो चुकी है ऐसे सभी कर्मचरियों को नियमित किया जायेगा।
  5. वर्तमान में जो भी सफाई कर्मचारी शिक्षित हो उनकी पदोन्नति की जायेगी।
  6. सरकार द्वारा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 291 पद पर्यावरण पर्यवेक्षक के लिए भर्ती की विज्ञप्ति निकाली थी जिसमे सफाई कर्मचारियों का आज तक प्राप्त होने वाली पदोन्नति नही मिल रही थी इस आदेश को भी निरस्त किया गया है।
  7. वर्तमान में जो सफाइ कर्मचारी वर्षाे से सरकारी आवासो में निवास कर रहे हो उनको उन सभी मकानो का मालिकाना हक देने के लिए निर्देशक शहरी विकास की अध्यक्षता मे कर्मचारी यूनियनो के 4 सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। जिसके आधार पर आवास का स्वमित्व दिया जायेगा।
  8. जिन स्थानीय निकायों में भूमि उपलब्ध है उन सभी निकायों में भूमिहिन आवास हिन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटित किये जायेंगे
  9. वर्तमान में 10,000 की आबादी पर 20 सफाई कर्मचरियों की नियुक्ति होती थी। जिसको बदलकर 10,000 पर 28 सफाई कर्मचारी नियुक्त किये जायेंगे।
  10. वर्तमान मे सफाई कर्मचारियों को 200रू से बढाकर 500रू किया गया हो।
  11. जो सफाई कर्मचारी ओवरटाईम करते थे। उनको कोई भी अतिरिक्त भुगतान नही दिया जा रहा था इस पर भी आदेश जारी निर्देश दिये गये है कि ओवरटाईम देना अनिवार्य होगा।
  12. सभी सफाई कर्मचारियो को 500000रू0 तक का उपचार निःशुल्क मिले इसलिए शासन आदेश जारी किया जा रहा है। कि सभी निकयों मे कैम्प लगाकर सभी कर्मचारियों का गोल्डन कार्ड जारी करा हो
  13. सभी निकायों को निर्देशित किया गया हैे। की वर्तमान समय में जिन कर्मचारियों के देय बाकी है। उन सभी की एक मुश्त धनराशि का प्रस्ताव बनाकर सचिव शहरी विकास को भेजे ताकी उनका भुगतान किया जा सके।
  14. वर्तमान में जो सफाई कर्मचारी ठेके पर कार्य कर रहे हो उन सभी का भुगतान स्थानीय निकायो द्वारा उनके खाते मे दिया जायेगा।
  15. वर्तमान में जो भी वर्दी इत्यादि के लिए जो धनराशि होगी वह सफाई कर्मचारियों के खाते मे दी जायेगी।
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