समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में आषाढ़ अमावस्या का खास महत्व है। यह दिन भगवान शिव, मां लक्ष्मी और पितरों की कृपा पाने के लिए खास माना जाता है। अमावस्या तिथि पर पूजा-पाठ करने के अलावा स्नान और दान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है, जिसका शुभ प्रभाव जीवन भर रहता है। आषाढ़ अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है। इस बार आषाढ़ शुक्ल एकादशी दो दिन पड़ने के कारण लोगों के अमावस्या व्रत की डेट को लेकर भ्रम की स्थिति है। आइए जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या व्रत कब रखा जाएगा।
आषाढ़ अमावस्या व्रत का मान्य कब होगा
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को सुबह 08 बजकर 49 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 जून को सुबह 04 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण आषाढ़ अमावस्या का व्रत 14 जुलाई 2026 को मान्य होगा।
आषाढ़ अमावस्या स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि पर किसी पवित्र नदी में स्नान करना और कुछ चीजों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
स्नान और दान का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04.57 बजे से सुबह 05.29 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 01.25 बजे से दोपहर 02.28 बजे तक।
विजय मुहूर्त- शाम 04.34 बजे से शाम 05.37 बजे तक।
अमृत काल- शाम 06.31 बजे से रात 07.57 बजे तक।
आषाढ़ अमावस्या पर बन रहा विशेष संयोग
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, अगर अमावस्या मंगलवार को पड़ती है, तो इसका महत्व भी बढ़ जाता है। मंगलवार के दिन अमावस्या होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या भी कहा जाएगा। मंगलवार और अमावस्या तिथि के योग में हनुमान जी की पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है। इस दिन हनुमान जी को चोला अर्पित करना चाहिए और उनके सामने घी का दीपक जलाना चाहिए। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
आषाढ़ अमावस्या पर करें इन चीजों का दान
अमावस्या के दिन ब्राह्मण, गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन व्यक्ति को अपनी सामर्थ्यनुसार भोजन, धन, अनाज, जूते-चप्पल, जल और वस्त्र का दान करना चाहिए। शाम को सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना चाहिए और परिक्रमा करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर पर उनका स्थाई वास होता है, जिससे परिवार में आर्थिक खुशहाली और सुख-शांति बनी रहती है।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



