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ग्रहों की खराब स्थिति बिगाड़ देती है जीवन का वास्तु, यहां जानिए कौन से उपाय हैं जो चुटकियों में दूर कर सकते हैं आपकी परेशानी

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कई बार हमारी अच्छी खासी लाइफ में अचानक से ही उठापटक होने लगती है। जब तक हम कुछ समझें स्थितियां हाथ से बाहर निकलती हुई लगती हैं। आपको पता है ऐसा क्यों होता है क्योंकि हमारे ग्रह खराब होते हैं और उसके दुष्प्रभाव से हमारे जीवन को भी वास्तु खराब होने लगता है। लेकिन हम आपको ऐसे ही कुछ लक्षण और ग्रहों की खराब स्थिति से बिगड़े जीवन के वास्तु को सुधारने के उपाय बता रहे हैं। तो आप बिल्कुल भी परेशान न हों और यहां दी गई इन जानकारियों पर गौर फरमाइए –

अचानक होने लगे नुकसान और ऐसी दिक्कतें
वास्तुशास्त्र के अनुसार, अगर अच्छे खासे चलते हुए व्यापार में अचानक से ही नुकसान होने लगे। रिश्तों में दूरियां और कलह मचने लगे। खुद को बात-बात पर गुस्सा आने लगे या फिर नौकरी-शिक्षा में दिक्कतें आने लगे तो सतर्क हो जाएं। कहते हैं कि ऐसा कुंडली के दशम भाव के दूषित होने के चलते होता है। इससे राहत पाने के लिए जातकों को नियमित रूप से जरूरतमंदों को तेल का दान करना चाहिए। इसके अलावा पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक भी जलाना चाहिए।

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अगर घर में अचानक से सूखने लगें ये पौधे
अगर घर में लगे पौधे अचानक ही सूखने लगे या फिर फूल नहीं आ रहे हों या तुलसी का पौधा सूखने लगे। दांपत्य जीवन कष्टमय हो तो कहते हैं कि यह स्थितियां कुंडली में छठे भाव के दूषित होने से होती है। इससे राहत पाने के लिए गमलों में सफेद चावल और कपूर रखकर उसके ऊपर मिट्टी छिड़क दें। मान्यता है कि ऐसा करने से जातकों के जीवन में व्याप्त सभी दुःख-कष्ट भी दूर होते हैं और प्रसन्नता का वास होता है। पौधे भी मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। फल-फूल निकलने लगते हैं और घर के सदस्यों में भी एक-दूसरे के प्रति भी प्रेम बढ़ता है।

अगर अचानक से होने लगे घर में ऐसा
अगर आपके घर में रोशनी ठीक से न आती हो। या फिर घर में हवा आने की भी व्यापक व्यवस्था न हो तो समझ लें कि मंगल और शुक्र ग्रह दोष है। इसे दूर करने के लिए नियमित रूप से प्रत्येक मंगलवार को हनुमानजी को भोग लगाकर सभी को प्रसाद वितरित कर दें। इसके अलावा अगर कुंडली का प्रथम भाव दूषित हो तो इसके लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से प्रथम भाव के दोष समाप्त हो जाते हैं। वहीं शुक्र ग्रह का दोष दूर करने के लिए जातकों को जरूरतमंद को चावल और कपूर का दान करना चाहिए।

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अगर घर में कोई हो गया हो गंभीर रूप से बीमार
अगर आपके घर-परिवार में किसी को कोई अति गंभीर बीमारी हो गई हो तो समझ लें की कुंडली का आठवां भाग दूषित है। इससे राहत पाने के लिए नियमित रूप से पुराने गुड़ का प्रयोग करना आरंभ कर दें। कहते हैं कि ऐसा करने से बीमारी नियंत्रित होने लगती है। वहीं अगर नए भवन या भूमि की खरीदारी के बाद अगर भाग्य साथ न दे रहा हो तो कहते हैं कि नवम भाव में दोष होता है। इससे राहत पाने के लिए घर में पीले रंग के पर्दों का प्रयोग करने चाहिए। इसके अलावा भगवान विष्णु की पूजा-उपासना करनी चाहिए। मान्यता है इससे नवम भाव का दोष दूर होता है।

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