समाचार सच, हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान
रसात के मौसम में पहाड़ों और नदी क्षेत्रों में हालात किस तरह अचानक बदल सकते हैं, इसकी गंभीर तस्वीर मंगलवार को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर सामने आई। गौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अंतिम संस्कार के दौरान नदी किनारे लगाई गईं दो चिताएं तेज बहाव की चपेट में आकर बह गईं। इनमें एक चिता काफी हद तक जल चुकी थी, जबकि दूसरी पूरी तरह जल भी नहीं पाई थी।
घटना के बाद कुछ समय के लिए घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नदी का बहाव इतना तेज था कि परिजन चाहकर भी कुछ नहीं कर सके। दोनों मामलों में शव भी नदी के तेज बहाव में बह गए। देर शाम तक उनकी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
जानकारी के अनुसार गौलापार निवासी नवीन भट्ट की 95 वर्षीय दादी नीलावती देवी का सोमवार रात निधन हो गया था। मंगलवार को परिजन अंतिम संस्कार के लिए चित्रशिला घाट पहुंचे। नदी किनारे चिता तैयार कर मुखाग्नि दी गई, लेकिन बारिश के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। इसी दौरान करीब पौने 12 बजे अचानक गौला का जलस्तर बढ़ने लगा। देखते ही देखते तेज बहाव किनारे तक पहुंच गया और चिता को अपनी चपेट में लेकर बहा ले गया।
इसी दौरान रुद्रपुर से आए एक अन्य परिवार के लोग भी घाट पर अंतिम संस्कार कर रहे थे। बताया गया कि उनका शव करीब 70 प्रतिशत तक जल चुका था, लेकिन अचानक बढ़े नदी के बहाव ने चिता को अपनी चपेट में ले लिया और शव भी पानी के साथ बह गया।
बरसात में नदी किनारे जाना पड़ सकता है भारी
इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान नदी और घाटों के आसपास बरती जाने वाली सावधानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ों में बारिश होने के बाद कई बार नदी का जलस्तर स्थानीय स्तर पर बारिश हुए बिना भी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे कुछ समय के लिए भी जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
घटना के बाद पुलिस ने चित्रशिला घाट समेत गौला नदी के संवेदनशील इलाकों में नदी किनारे जाने पर रोक लगा दी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है, जो शिफ्टवार निगरानी रखेंगे।
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने स्पष्ट किया कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं। लोगों को नदी के किनारे जाने से रोका जा रहा है। इसके बावजूद यदि कोई जानबूझकर नदी के किनारे जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस लगातार कंट्रोल रूम और बचाव दल के संपर्क में है। प्रशासन की अपील है कि बारिश के दौरान नदी, गधेरों और घाटों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें। नदी शांत दिखाई दे, तब भी उसके अचानक उफान पर आने का खतरा बना रहता है। एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है-बरसात में नदी से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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