समाचार सच, रामनगर डेस्क। रामनगर में बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग और विजिलेंस की संयुक्त टीम ने मंगलवार तड़के व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। देहरादून मुख्यालय, हल्द्वानी और रुद्रपुर से पहुंची टीमों ने स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ खताड़ी, पूछड़ी समेत आसपास के कई इलाकों में विद्युत कनेक्शनों की जांच की। विभाग के अनुसार, जांच के दौरान बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं और करीब 15 से 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और लाइन लॉस कम करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में विद्युत विभाग और विजिलेंस की कई टीमें शामिल रहीं। अधिकारियों ने अलग-अलग टीमें बनाकर संदिग्ध विद्युत कनेक्शनों की जांच की। अभियान में विजिलेंस इंस्पेक्टर मारुत साह, सब इंस्पेक्टर संजीव त्यागी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
टीमों ने खताड़ी, पूछड़ी और आसपास के मोहल्लों में पहुंचकर बिजली कनेक्शनों की स्थिति का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ स्थानों पर बिजली चोरी से जुड़े मामले सामने आए हैं। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों और टीम के सदस्यों के बीच बहस भी हुई, हालांकि विभाग ने अभियान को बिजली चोरी रोकने की नियमित कार्रवाई का हिस्सा बताया।
हल्द्वानी विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता रवि कुमार राजोरा ने बताया कि बिजली चोरी की शिकायतों और अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए पांच टीमें गठित की गई थीं, जिनमें विजिलेंस टीमों के साथ अभियंता और लाइन स्टाफ को शामिल किया गया।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सामने आए बिजली चोरी के मामलों में करीब 15 से 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में बिजली चोरी की मात्रा और उससे होने वाले आर्थिक नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर नियमानुसार जुर्माना निर्धारित कर वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी और लाइन लॉस की समस्या वाले अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य अवैध रूप से बिजली इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना और विद्युत व्यवस्था में होने वाले नुकसान को कम करना है।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का इस्तेमाल करें और किसी भी तरह की अवैध कटिया या अन्य अनधिकृत व्यवस्था से बचें। बिजली चोरी से विभाग को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ता है।
फिलहाल रामनगर में हुई इस संयुक्त छापेमारी के बाद बिजली चोरी के मामलों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब जांच रिपोर्ट, एफआईआर की अंतिम स्थिति और विभाग की आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि कितने मामलों में बिजली चोरी की पुष्टि होती है और संबंधित लोगों पर कितनी जुर्माना राशि निर्धारित की जाती है।

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