2 अक्टूबर को मनाया जायगा काला दिवस : मनीष कुमार नागपाल

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय संयोजक व पूर्व राज्यमंत्री मनीष कुमार नागपाल ने कहा की राज्य बने हुए 20 साल होने पर भी आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण नहीं होना दुर्भाग्य की बात है। समाचारपत्रों की कतरनों को चिह्नीकरण का आधार न मानना बहुत ही दुखद पहलू है। पूर्व में इन्हें ही आधार मानकर चिह्नीकरण किया गया था, और अब इन्हें नहीं माना जाना सरकार की दोगली नीति को दर्शाता है। मनीष कुमार नागपाल ने कहा की 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग सहित मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों:को दण्डित करने व अन्य मुद्दों पर सरकार के खिलाफ 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन गांधी पार्क में “काला दिवस” मनाया जायगा। जिसका नेतृत्व संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक एवं पूर्व राज्य मंत्री धीरेंद्र प्रताप करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण, आंदोलनकारियों के आरक्षण, आंदोलनकारियों के 10,000 पेंशन, राज्य में बढ़ रहे पलायन जैसे महत्वपूण मुद्दों पर कुंभकरण की नींद सोई हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारी अब सड़कों पर उतर गए हैं और 2 अक्टूबर के बाद यदि राज्य स्थापना दिवस से पहले सरकार ने आंदोलनकारियों के पक्ष में कोई घोषणा नहीं की गई तो 9 नवंबर को राज्य आन्दोलनकारी एक बार फिर से सड़कों पर उतरेंगे।

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