निकाय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को और सक्रियता से करें : हर्बोला

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नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद उपाध्यक्ष ने की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों की समीक्षा

समाचार सच, हल्द्वानी। स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। साथ ही इसमें राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण पैनी नजर रखे हुए हैं। इसलिए सभी निकाय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को और सक्रियता से करें। यह निर्देश नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद उपाध्यक्ष प्रकाश हर्बाेला ने नगर निगम सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि कूड़े के डोर टू डोर कलैक्शन व्यवस्था की जाये। साथ ही जैविक अजैविक व घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट सोत्र पर ही पृथक-पृथक करना सुनिश्चित किया जाए। बिना मिलाये कूड़े का पृथक-पृथक ही परिवहन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक अपशिष्ट से कम्पोस्ट बनाई जाए तथा उसका रिसाइकल लेबल का रिकार्ड मैन्टेन भी किया। राज्यमंत्री हर्बाेला ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मे अच्छा कार्य करने वाले निकायों को सम्मानित किया जायेगा। जहां पर कमी पायी जायेगी उन निकायों को आगाह किया जायेगा। इस हेतु उन्होंने निकायों का स्थालीय निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग पर बल दिया। हर्बाेला ने कहा बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण स्वास्थ्य विभाग का कार्य है वे बायोमेडिकल वेस्ट को निस्तारित कराना नियमानुसार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट खुले में जलाने पर चालान किया जाए तथा एन्टीलिटरिंग एवं एन्टी स्पिलिंग कानून के तहत उल्लघंन कर्ताओं के विरूद्घ ठोस कार्यवाही की जाए। उन्होंने निकाय अन्तर्गत निर्माण सामग्री एवं विध्वंस सामग्री अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्थान निर्धारित किया जाए ताकि निर्माण एवं विध्वंस सामग्री को एक जगह पर एकत्रित किया जा सके। निर्देशित किया कि निकाय स्तर पर सैप्टेज मेनेजमैंट कमेटी गठन के साथ ही सभी सैप्टेज डिस्लजिग टैंकरों का पंजीकरण किया जाए व सैप्टेज डिस्लजिंग टैकरो पर जीपीएस सिस्टम लगाया जाए ताकि टैकर एसटीपी मे ही अपशिष्ट को डालें। उन्होंने निकायों के शौचालयों के रख-रखाव, पानी, लाईट एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में हर्बाेला ने कोरोना काल में स्वच्छता व्यवस्थायें की विस्तृत जानकारी ली। जिस पर मेयर डॉ जोगेन्द्रर पाल सिंह रौतेला व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज काण्डपाल ने बताया कि नगर में नियमित साफ-सफाई के साथ ही नियमित सेनिटाइजिंग व जागरूकता अभियान चलाया गया। निकाय के कर्मचारियों को सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये गये तथा सभी फिल्ड कर्मचारियों एवं पर्यावरण मित्रों का कोरोना टेस्ट कराया गया। उन्होंने बताया कि निकाय में तीन जगह कूडा कम्पोस्टिंग कार्य किया जा रहा है, 22 कालोनियां कम्पोस्टिंग हेतु चिन्हित की गई हैैं। जिसमेें कम्पोस्टिग कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। इस दौरान राज्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ नगर निगम के शौचालयों के साथ ही मंडी क्षेत्र, शनिवार नाला,हाट बाजार क्षेत्र, गांधी स्कूल के पास कूड़े का ढ़ेर, बॉम्बे अस्पताल, स्पर्श अस्पताल व ट्रंचिंग ग्राउन्ड गौलापार का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
बैठक में उपजिलाधिकारी विवेक राय, सहायक आयुक्त बृजेन्द्र चौहान, गौरव भसीन, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान विशाल सक्सेना, एसीएमओ डॉ आरपीएस नेगी, एसडब्लूएम कमल भटट, पेयजल निगम अमृत चंदर सिंह, सहायक अभियन्ता पेयजल निगम गिरजा भूषण जोशी, दीपक काण्डपाल आदि मौजूद थे।

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