चरक जयंती पर आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर हुआ मंथन, विशेषज्ञों ने साझा किए उपचार के अनुभव

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समाचार सच, हल्द्वानी, 17 अगस्त 2026। चरक जयंती के अवसर पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा), हल्द्वानी एवं विश्व आयुर्वेद परिषद, हल्द्वानी के संयुक्त तत्वावधान में अतिथि रेस्तरां में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय ‘आधुनिक समय में चरक चिकित्सा की उपयोगिता’ रहा। कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्सा की वर्तमान समय में उपयोगिता, रोग निदान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वन्तरि एवं महर्षि चरक के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संगोष्ठी में नीमा हल्द्वानी शाखा के अध्यक्ष डॉ. अतुल राजपाल, सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत, काया आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. विनय खुल्लर तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एनके मेहता और डॉ. बिनोद जोशी मंचासीन रहे।

संगोष्ठी के दौरान डॉ. एनके मेहता ने respiratory fungal aspergillosis एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय केस का presentation किया। डॉ. बिनोद जोशी ने मधुमेह, बीज दोष एवं उसकी चिकित्सा से संबंधित विषय पर विस्तार से चर्चा की। काया आयुर्वेदिक कॉलेज की डॉ. श्वेता पॉल ने AVN केस presentation से चिकित्सकीय अनुभव साझा किए।

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डॉ. राहुल गुप्ता ने नाड़ी चिकित्सा एवं दैवव्यपाश्रय चिकित्सा पर व्याख्यान दिया। वहीं प्रोफेसर डॉ. विनय खुल्लर ने मधुमेह निदान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. आशुतोष पंत ने रोग की साध्यता एवं असाध्यता विषय पर चिकित्सकीय दृष्टिकोण से जानकारी दी।

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वक्ताओं ने कहा कि महर्षि चरक द्वारा प्रतिपादित चिकित्सा सिद्धांत आज भी आयुर्वेद के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। आधुनिक दौर में इन सिद्धांतों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समझना और उनका व्यावहारिक उपयोग आयुर्वेद चिकित्सा को और प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य लोहनी ने किया। अंत में नीमा हल्द्वानी शाखा के अध्यक्ष डॉ. अतुल राजपाल ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

संगोष्ठी में डॉ. जगदीश सती, डॉ. प्रदीप मेहरा, डॉ. वसीम अहमद, डॉ. मोबीन खान, डॉ. श्वेता पंत, डॉ. अंकिता गुप्ता, डॉ. विजय सक्सेना, डॉ. समीर, डॉ. अरविंद पाठक, डॉ. हर्षिता सहित काया आयुर्वेदिक कॉलेज के चिकित्सक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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