नैनीताल जिले में रिश्वतखोर एलआईयू प्रभारी व मुख्य आरक्षी गिरफ्तार, आवेदक से 2 हजार रुपए की मांग की जा रही थी

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समाचार सच, नैनीताल/रामनगर। उत्तराखंड में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कोतवाली रामनगर परिसर में स्थित अभिसूचना इकाई के कार्यालय में नियुक्त उपनिरीक्षक व मुख्य आरक्षी को 2,000 रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी नैनीताल अनिल सिंह मनराल के पर्यवेक्षण में तथा निरीक्षक श्रीमती ललिता पाण्डे के नेतृत्व में विजिलेंस टीम द्वारा शिकायतकर्ता की शिकायत पर अभिसूचना इकाई, रामनगर जनपद नैनीताल में तैनात उपनिरीक्षक एलआईयू सौरभ राठी, निवासी म०नं०-04, छठी मंजिल आस्थान कालोनी, तेलीपुरा रोड, रामनगर जनपद नैनीताल एवं मुख्य आरक्षी एलआईयू गुरप्रीत सिंह पुत्र कश्मीर चन्द निवासी ग्राम जोगीपुरा थाना बाजपुर जिला ऊधमसिंहनगर हॉल निवासी टेढ़ा रोड रामनगर जिला नैनीताल को शिकायतकर्ता से 2,000 रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि मेरा पासपोर्ट बनाने के लिये सत्यापन अभिसूचना इकाई, रामनगर से होना था। सत्यापन कराने के एवज में उपनिरीक्षक सौरभ राठी उपरोक्त द्वारा मुझसे 2,500/- रूपये रिश्वत की मांग की जा रही है। 19 जुलाई को पुनः उपनिरीक्षक से मिलने पर उनके द्वारा शिकायतकर्ता से 2000 रूपये रिश्वत देने को कहा गया है। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता है। उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही चाहता है।

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शिकायत पर पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल द्वारा शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कराने पर तथ्य सही पाये जाने पर निरीक्षक ललिता पाण्डे के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने पर ट्रैप टीम द्वारा नियमानुत्तार कार्यवाही करते हुये आज 20 को अभिसूचना इकाई रामनगर के उपनिरीक्षक सौरभ राठी एवं मुख्य आरक्षी गुरप्रीत सिंह को रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया है।

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अभियुक्तों के आवासों की खाना तलाशी की जा रही है व पूछताछ जारी है। उक्त प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर अनुसंधान किया जायेगा । निदेशक सतर्कता डॉ० वी० मुरूगेशन द्वारा ट्रैप टीम को नगद पुरुस्कार से पुरूष्कृत करने की घोषणा की गयी है।

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