श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु सिंहार्क २१ गते भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि १६ घटी २ पला तत्पश्चात तृतीया तिथि बृहस्पतिवार सूर्योदय ५/५६ बजे सूर्यास्त ६/२६ बजे राहु काल १/३० बजे से ३ बजे तक अभिजीत…


श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु सिंहार्क २१ गते भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि १६ घटी २ पला तत्पश्चात तृतीया तिथि बृहस्पतिवार सूर्योदय ५/५६ बजे सूर्यास्त ६/२६ बजे राहु काल १/३० बजे से ३ बजे तक अभिजीत…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पूरे देश में गणेश चतुर्थी का त्यौहार बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। विधि-विधान के साथ भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। प्राचीनकाल से भगवान गणेश की इस पूजा में गणेश जी पर…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। श्राद्ध पक्ष में पितृगणों (पितरों) के निमित्त तर्पण व ब्राह्मण भोजन कराने का विधान है किंतु जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इसे उचित रीति से नहीं करते जो कि दोषपूर्ण है क्योंकि शास्त्रानुसार ‘पितरो वाक्यमिच्छन्ति…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु सिंहार्क २० गते भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि ९ घटी ३५ पला तत्पश्चात द्वितीया तिथि बुधवार सूर्योदय ५/५६ बजे सूर्यास्त ६/२७ बजे राहु काल १२ बजे से १/३० बजे तक। राशि…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु सिंहार्क १९ गते भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि ३ घटी ४२ पला तत्पश्चात भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि मंगलवार सूर्योदय ५/५५ बजे सूर्यास्त ६/२८ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३०…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। प्रत्येक माह के कृष्घ्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। भाद्रपद की शुक्ल चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसघ् दिन से 10…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। वर्ष 2024 में 02 सितंबर, दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। इस दिन भाद्रपद मास की पिठोरी अमावस्या भी मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि सोमवार के दिन अमावस्या बड़े…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु सिंहार्क १८ गते भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि सोमवार सूर्योदय ५/५५ बजे सूर्यास्त ६/२९ बजे राहु काल ७/३० बजे से ९ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२/१० बजे से…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितरों की शांति के लिए अमावस्या पर स्नान-दान, श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का विधान है. मान्यता है इससे पूर्वजों की आत्मा को तृप्ति मिलती है और वह परिवार के लोगों को खुशहाली का आशीर्वाद देते…