श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु कर्कार्क ४ गते श्रावण मास चान्द्रमास से आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सूर्योदय ५/२९ बजे सूर्यास्त ७/९ बजे राहु काल १०/३० बजे से १२ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में…


श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु कर्कार्क ४ गते श्रावण मास चान्द्रमास से आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सूर्योदय ५/२९ बजे सूर्यास्त ७/९ बजे राहु काल १०/३० बजे से १२ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवशयनी या हरिशयनी) है। इस तिथि से चार माह के लिए विष्णु जी विश्राम करते हैं। इन चार महीनों को चातुर्मास कहा जाता है। इस एकादशी के बाद…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सावन मास हिन्दू संस्कृति में अत्यधिक धार्मिक महत्व रखता है, विशेषकर भगवान शिव को समर्पित, जिन्हें हिन्दू त्रिमूर्ति में नाशक और परिवर्तक के रूप में जाना जाता है। भक्तगण इस पुण्यमय महीने को श्रद्धाभाव से मानते…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु कर्कार्क ३ गते श्रावण मास चान्द्रमास से आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि बृहस्पतिवार सूर्योदय ५/२९ बजे सूर्यास्त ७/९ बजे राहु काल १/३० बजे से ३ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु कर्कार्क २ गते श्रावण मास चान्द्रमास से आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि बुधवार सूर्योदय ५/२८ बजे सूर्यास्त ७/९ बजे राहु काल १२ बजे से १/३० बजे तक।आज़ हरिशयनि एकादशी व्रत है…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। देवशयनी एकादशी 17 जुलाई 2024 को है। इसे हरिशयनी और पद्मा एकादशी भी कहते हैं। इस दिन से 4 माह के लिए विष्णुजी योगनिद्रा में चले जाते हैं और फिर वे कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी होती है। इस दिन से देव सो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से 4 माह तक योग निद्रा में चले…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु कर्कार्क श्रावण मास चान्द्रमास से आषाढ़ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि मंगलवार सूर्योदय ५/२८ बजे सूर्यास्त ७/१० बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२/१० बजे…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आषाढ़ शुक्ल की एकादशी के दिन देव सो जाते हैं इसलिए इसे देवशयनी एकादशी और हरिशयनी एकादशी कहते हैं। इस बार 17 जुलाई 2024 बुधवार के दिन यह एकादशी रहेगी। शुभ मुहूर्त में उचित पूजा विधि…