श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क १३ गते आषाढ़ कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि बृहस्पतिवार सूर्योदय ५/१९ बजे सूर्यास्त ७/१३ बजे राहु काल १/३० बजे से ३ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२/१० बजे से १२/५८…


श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क १३ गते आषाढ़ कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि बृहस्पतिवार सूर्योदय ५/१९ बजे सूर्यास्त ७/१३ बजे राहु काल १/३० बजे से ३ बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२/१० बजे से १२/५८…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में पूजा पाठ से जुड़े कई नियम है और हर पूजा का अपना एक अलग ही महत्व होता है। इस धर्म के लोग वृक्षों और पौधों की भी पूजा करते हैं जैसे पीपल, बरगद,…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क १२ गते आषाढ़ कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि बुधवार सूर्योदय ५/१९ बजे सूर्यास्त ७/१३ बजे राहु काल १२ बजे से १/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२/१० बजे से १२/५८…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शास्त्रों के मुताबिक महिलाओं का इस तरह बीमार रहने की वजह वास्तु दोष होते हैं। चाहे महिला हो या पुरुष उनकी हर प्रकार की बीमारी में वास्तुदोष ही कारण बनता है। सिर्फ यही नहीं बल्कि घर…

श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क ११ गते आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि मंगलवार सूर्योदय ५/१९ बजे सूर्यास्त ५/१३ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में १२/१० बजे से १२/५८…

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हिंदू धर्म में हर माह का विशेष महत्व बताया गया है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक साल का चौथा महीना आषाढ़ का होता है। इस माह में भगवान विष्णु की पूजा का खास महत्व बताया गया है।…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक २४ जून २०२४ सोमवार का पंचांग श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य उत्तरायण ग्रीष्म ऋतु मिथुनार्क १० गते आषाढ़ कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि सोमवार सूर्याेदय ५/१८ बजे सूर्यास्त ७/१२ बजे राहु काल ७/३० बजे…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में कलयुग में किन्नरों का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। जिन्हें लोग ट्रांसजेंडर भी कहते हैं। सड़कों, चौराहों और ट्रेन आदि में दिखाई दे जाने वाले इन किन्नरों के बारे में मान्यता है…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। चातुर्मास का महीना धर्माचार्यों, साधु-संतों, योगीजनों के लिए बहुत खास होता है। इस दौरान वे एक ही स्थान पर रहकर जप, तप और साधना करते हैं। साथ ही भक्तों को धर्माेपदेश भी देते हैं। पूजा-पाठ करने…