कार्तिक मास में जप तप और पूजा पाठ करने से न सिर्फ भगवान विष्णु बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कार्तिक मास का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में लंबी योग निंद्रा के बाद भगवान विष्णु जागते हैं। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास को सबसे पुण्यकारी माना गया है। इस महीने में सूर्याेदय से पहले उठकर तुलसी पूजन का भी इस अवधि में विशेष महत्व बताया गया है कि ऐसी मान्यता है कि तुलसी के नीचे जो व्यक्ति दीप जलाता है। ऐसे में कार्तिक मास में कुछ नियमों का विशेष पालन करना चाहिए। ताकि आपको धन धान्य की प्राप्ति हो पाए। इसके अलावा कार्तिक मास में जप तप और पूजा पाठ करने से न सिर्फ भगवान विष्णु बल्कि माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कार्तिक मास का नियम।

कार्तिक मास 2025 आरंभ और समापन
कार्तिक मास का आरंभ 7 अक्टूबर से हो चुका है। इसी दिन से कार्तिक मास का स्नान भी आरंभ हो चुका है। कार्तिक मास का समापन 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा को हो जाएगा। इसी बीच 1 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी के दिन यानी भगवान विष्णु योग निद्रा से जागेंगे। बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा का महास्नान 5 नवंबर को किया जाएगा।

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कार्तिक मास में क्या करें, कार्तिक मास के नियम

  • कार्तिक मास में कार्तिक स्नान का विशेष महत्व है बताया गया है। ऐसा करने से आरोग्य का प्राप्ति होती है। कार्तिक मास में नित्य स्नान से कल्याण की प्राप्ति होती है।
  • मदनपारिजात में लिखा है कि कार्तिकं सकलं मासं नित्यस्यनायी जितेंन्द्रियः। जपन् हविष्यभुक्छान्तरू सर्वपापैः प्रमुच्यते।। कार्तिक मास में जितेन्द्रिय रहकर नित्य स्नान करता है और कार्तिक मास में जो व्यक्ति गेहूं, मूंग, दूध, दही और घी आदि से बनी चीजों को का दिन में एक बार सेवन करता है तो उसके सारे पाप दूर हो जाते हैं।
  • कार्तिक मास में स्नान के लिए किसी पवित्र में स्नान करना सबसे शुभ माना गया है या आप किसी साफ तालाब, कुएं आदि से पानी लेकर भी स्नान कर सकते हैं यदि ऐसा करना संभव नहीं है तो आप अपने घर में पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
  • कार्तिक मास में जो व्यक्ति सुबह जल्दी उठकर कार्तिक स्नान करता हैं भगवान के भजन गाता है और पूरे महीने सात्विक भोजन करता हैं। उन्हें भगवान की कृपा प्राप्त होती है। इस महीने भूलकर भी मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कार्तिक मास में पीपल के वृक्ष, तुलसी आदि में दीप जलाना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। कार्तिक मास में तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है इसलिए पूरे महीने रोजाना सुबह शाम तुलसी में घी का दीपक जलाना चाहिए।
  • कार्तिक मास में किसी जरूरतमंद को चावल का दान करना चाहिए। ऐसा करने से चंद्र दोष दूर होता है साथ ही अगर कुंडली में चंद्रमा अशुभ स्थिति में है तो यह शुभ फल प्रदान करता है।
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