अभी भी 202 लोगों के लापता होने की सूचना
समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने के दूसरे दिन रेस्क्यू अभियान तेज हो गया है। अब तक के राहत और बचाव कार्य के दौरान 18 शव मिलने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि अभी भी 202 लोगों के लापता होने का पता चला है। रात में भी बचाव कार्य जारी रहा। नुकसान का आंकलन जारी है। सोमवार तड़के चार बजे से एक बार फिर बचाव कार्य शुरू हो गया है। सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनमें काफी लोग फंसे हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपये की सहयोग राशि देगी। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। डीजीपी अशोक कुमार भी प्रभावित क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि ढ़ाई किमी. लंबी सुरंग में राहत बचाव कार्य जारी है। 27 लोगों को जिंदा निकाला गया है। वहीं कुल 153 लोग लापता हैं। बताया कि 40 से 50 लोग अभी सुरंग में फंसे हुए हैं। शेष लोगों के मलबे में बह जाने की आशंका है। सुरंग बेहद संकरी है। जिस वहज से यहां केवल एक ही जेसीबी मलबा निकाल पा रही है। यहां लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ है। हेलीकॉप्टर द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। भारतीय सेना का कहना है कि इंजीनियरिंग टास्क फोर्स सहित सेना के कर्मियों के प्रयासों के बाद सुरंग का मुंह साफ कर दिया गया है। जनरेटर और सर्च लाइट लगाकर रात भर काम जारी रखा गया। घटना स्थल पर फील्ड अस्पताल मेडिकल सहायता देते रहे। सोमवार की सुबह पहली रोशनी के साथ ही वायु सेना के विमान राहत बचाव टीम की सहायता कर रहे हैं। हिमस्खलन के खतरे का पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आपदा प्रभावित तपोवन में राहत बचाव कार्य फिलहाल जारी है। डीआईजी आईटीबीपी अपर्णा कुमार ने बताया कि बड़ी सुरंग को 70 से 80 मीटर तक साफ कर दिया गया है। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया है। यह सुरंग करीब 100 मीटर लंबी है और लगभग 30-40 कर्मचारी सुरंग में फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। दूसरी सुरंग की तलाश जारी है। चमोली के रैणी गांव में तपोवन में अभी तक तीस मीटर तक सुरंग की खुदाई कर दी गई है। चिनूक हेलीकॉप्टर भी जोशीमठ में हवाई निरीक्षण कर लौट गया है।
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