प्रदेश में कोरोना के किसी भी मामले में बीएफ-7 वायरस की नहीं मिली पुष्टि: स्वास्थ्य महानिदेशक

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समाचार सच, देहरादून। प्रदेश में कोरोना के किसी भी मामले में अब तक बीएफ-7 वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। नवनियुक्त स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह (Dr. Vinita Shah) ने कहा कि 14 सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग में नए वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में काम कर रहे डॉक्टरों को मरीजों से बेहतर व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यभार ग्रहण करने के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह ने मीडिया से बातचीत की।

उन्होंने बताया कि हाल में जीनोम सीक्वेंसिंग (genome sequencing) की 14 रिपोर्ट मिली हैं। इनमें किसी नए वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। यह सभी ओमिक्रोन के मामले हैैं। यानी बीएफ-7 (BF-7) का कोई मामला नहीं है।उन्होंने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। लोग कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करें। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है और विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। कोविड एहतियाती डोज पर उन्होंने कहा कि केंद्र से वैक्सीन की मांग की गई है। जैसे-जैसे वैक्सीन मिल रही है, उसे जिलों को भेजा जा रहा है। प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘यू कोट, वी पे’ योजना शुरू की जा रही है। इसका मतलब सेवाओं के बदले विशेषज्ञ चिकित्सक सरकार से प्रतिमाह कितनी पगार चाहते हैं। चिकित्सक की विशेषज्ञता के आधार पर सरकार भुगतान तय करेगी।

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स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि इस योजना के तहत साक्षात्कार अगले सप्ताह शुरू किए जा रहे हैैं। अधिकतम और न्यूनतम शुल्क चिकित्सक के अनुभव और उनके वर्तमान स्थान से दूरी के अनुसार निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अलग कैडर बनाने की भी तैयारी है। गौरतलब है कि, प्रदेश में विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में 1252 विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत के मुकाबले 565 ही कार्यरत हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह ने कहा कि प्राथमिक स्तर की सुविधाएं स्वास्थ्य सुधार में सबसे अहम भूमिका निभाती हैं। यदि हम प्राथमिक स्वास्थ्य के मोर्चे पर मजबूत होंगे तो बड़े स्तर तक पहुंचने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। बीमारी को प्रारंभिक स्तर पर पहचान लिया जाए तो उपचार का खर्च भी कम किया जा सकता है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि व्यक्ति को छोटी-छोटी बीमारी के लिए बड़े अस्पताल में न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को मरीजों से बेहतर व्यवहार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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Confirmation of BF-7 virus was not found in any case of corona in the state: Director General of Health

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