समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में 15 दिसंबर से खुल रहे उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के कोविड टेस्ट को लेकर असमंजस की स्थिति है। उच्च विभाग ने जो एसओपी जारी की है, उसे लेकर यही माना जा रहा है कि बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए कोविड टेस्ट कराना अनिवार्य होगा, लेकिन प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद बर्द्धन के मुताबिक, कॉलेज आने वाले सभी छात्र-छात्राओं को जांच करानी होगी। इसे लेकर छात्रों, अभिभावकों और छात्र संगठनों में प्रतिक्रिया है। उधर, उच्च शिक्षा राज्यंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोविड टेस्ट को लेकर किसी भी तरह के असमंजस से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय डे स्कॉलर्स को कोरोना जांच नहीं करानी होगी। प्रदेश मंत्रिमंडल ने 15 दिसंबर से सभी उच्च शिक्षण संस्थान खोलने का फैसला लिया था। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एसओपी जारी की गई। एसओपी में बाहरी राज्यों के उन सभी छात्रों के लिए कोविड टेस्ट की अनिवार्यता की गई जो हॉस्टल में रहते हैं या डे स्कालर्स हैं। अब उच्च शिक्षा विभाग में इस बात को लेकर असमंजस है कि कोविड टेस्ट कराने की अनिवार्यता बाहरी राज्यों के छात्रों के लिए ही है या सभी छात्रों के लिए जांच कराना अनिवार्य होगा। प्रदेश में 105 राजकीय कॉलेजों में एक लाख से अधिक छात्र हैं। शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश जारी किया गया की कॉलेज खोले जाने को लेकर शासन की ओर से जो एसओपी जारी की गई है उसमें स्पष्ट किया गया है कि राज्य के बाहर से आने वाले छात्रों (छात्रावास में रहने वाले छात्रों) और डे स्कॉलर्स के लिए कॉविड टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।
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