समाचार सच, देहरादून डेस्क। सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्ट किए जाने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देहरादून एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर आपत्तिजनक सामग्री हटाने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक फेसबुक अकाउंट के माध्यम से लगातार कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाली पोस्ट प्रसारित की जा रही हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कूट रचित और भ्रामक सामग्री के जरिए जानबूझकर नेताओं की प्रतिष्ठा प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस की प्रदेश सचिव स्वाति नेगी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर कांग्रेस की ओर से कोई पोस्ट किए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने पुलिस से सोशल मीडिया अकाउंट की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
स्वाति नेगी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर किए जा रहे कथित दुष्प्रचार को लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पूर्व में भी लिखित शिकायत दे चुके हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार को लेकर पुलिस में शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों के बावजूद संबंधित अकाउंट के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने अपने संबंध में 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जाने का भी मुद्दा उठाया। स्वाति नेगी के अनुसार इस मामले में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी।
धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय के बाहर अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



