समाचार सच, हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को कांग्रेस ने इसके विरोध में अंबेडकर पार्क से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक सत्याग्रह मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मार्च से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगल पड़ाव स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद हाथों में तख्तियां और नारे लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा तक पहुंचे, जहां सत्याग्रह का समापन किया गया।
मार्च में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर सार्वजनिक स्थान को ‘शुद्ध’ या ‘अशुद्ध’ मानने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जाति के आधार पर किसी के सम्मान और गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि सार्वजनिक स्थान किसी व्यक्ति की जाति से अपवित्र नहीं होता। संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध किसी धर्म या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भेदभाव और सामाजिक असमानता की मानसिकता के खिलाफ है।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी हमेशा भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की पहचान रहा है। उन्होंने कहा कि कथित शुद्धिकरण की घटना चिंताजनक है और हल्द्वानी की जनता ऐसी विभाजनकारी सोच को स्वीकार नहीं करेगी।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि मामला केवल भाजपा और कांग्रेस के राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा सामाजिक भेदभाव अथवा किसी नागरिक की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य किया गया है तो जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘संविधान के राज में भेदभाव नहीं चलेगा’, ‘सामाजिक सम्मान हमारा अधिकार है’ और ‘जाति के आधार पर भेदभाव बंद करो’ जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीति में मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जाति के आधार पर किसी व्यक्ति के सम्मान या अपमान का फैसला नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह सत्याग्रह सामाजिक समानता, न्याय, भाईचारे और संविधान की रक्षा के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता का संदेश है।
मार्च में सतीश नैनवाल, हरीश मेहता, मलय बिष्ट, जया कर्नाटक, संजय किरौला, शोभा बिष्ट, मधु सांगूड़ी, भागीरथी बिष्ट, नीमा भट्ट, इंदर पाल आर्य, मोहन बिष्ट, हेम पांडे, कुंदन नेगी, किरन माहरा, जाकिर हुसैन, मुकुल बलुटिया, गुरप्रीत सिंह प्रिंस, हरेंद्र बोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सत्याग्रह मार्च में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, सतीश नैनवाल, हरीश मेहता, मलय बिष्ट, जया कर्नाटक, संजय किरौला, शोभा बिष्ट, मधु सांगूड़ी, भागीरथी बिष्ट, नीमा भट्ट, इंदर पाल आर्य, मोहन बिष्ट, हेम पांडे, कुंदन नेगी, किरन माहरा, जाकिर हुसैन, मुकुल बलुटिया, गुरप्रीत सिंह प्रिंस, हरेंद्र बोरा, भोला भट्ट, राजेंद्र खनवाल, मनोज भट्ट, विनोद कुमार, राजेंद्र बिष्ट रज्जी, हेम जोशी, नीरज तिवारी, मोहम्मद गुफरान, विशाल भोजक, इंजीनियर सुमित कुमार, विमला जोशी, हेमा देवी, राधा आर्य, गीता बहुगुणा, जया पाठक, लाखन नेगी, गिरीश पांडे, राजेंद्र दुर्गापाल, संदीप भैसोड़ा, संजू उप्रेती, शंकर जोशी, भुवन पांडे, संदीप पांडे, नितिन भट्ट, आशीष सहित सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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