कांग्रेस ने क्वारेंटाइन सैन्टरों को बताया मौत का कुंआ

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून। कांग्रेस पार्टी ने प्रवासी नागरिकों के लिए बनाये गये क्वारेंटाइन सैन्टरों को यातना गृह तथा मौत का कुंआ बताते हुए राज्य सरकार पर कोरोना महामारी की रोकथाम में पूरी तरह विफल साबित होने तथा क्वारेंटाईन केन्द्रों मे बद इंतजामी का आरोप लगाया है।

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन विजय सारस्वत कहा कि राज्यभर के विभिन्न जनपदों में अन्य प्रदेषों से अपने घर लौट रहे प्रवासी नागरिकों के लिए प्रदेश में बनाये गये कोरेन्टाइन सैन्टरों में बदहाली एवं बद इंतजामी के हालात चिन्ताजनक हैं तथा क्वारेंटाइन सैन्टर यातना केन्द्र और मौत के कुओं में तब्दील हो चुके हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की बद इंतजामी तथा लापरवाही के कारण जनपद नैनीताल के बेतालघाट के क्वारेंटाइन सैन्टर में एक 4 वर्ष की बच्ची की जहरीले सांप के काटने से मृत्यु हुई, बीरोंखाल ब्लाक के बिरगणा गांव, पाबौ ब्लाक के पीपली गांव के क्वारेंटाइन सैन्टरों में उपचार न मिलने के कारण दो युवकों की मौत तथा जनपद पौडी गढ़वाल के थलीसैण विकासखण्ड के मासौं गांव की घटना है जहां पर एक नव विवाहिता ने क्वारेंटाइन सैन्टर जो कि एक गौशाला में बनाया गया था, में समय पर उपचार न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। यह घटनायें स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही तथा सरकार की संवेदनहीनता दर्षाती है। उन्होंने यह भी कहा कि चम्पावत के बालातडी गांव में छात्रा की होम क्वारेंटाइन में मौत तथा उत्तरकाषी में क्वारेंटाइन सैन्टर में उपचार न मिलने के कारण युवक की मौत तथा अब हरिद्वार निवासी संकेत मेहरा द्वारा देहरादून के बालावाला स्थित क्वारेंटाइन सैंन्टर में आत्महत्या के मामले ने मानवीयता को झकझोर कर रख दिया है। क्वारेंटाइन सैन्टरों में मौत के मामले गम्भीर चिन्ता का विशय हैं तथा राज्य सरकार की संवेदनहीनता तथा इंतजामों पर प्रष्न चिन्ह लगा रहे है।

यह भी पढ़ें -   हल्द्वानीः जनहित खबर के बाद विवाद, पत्रकारों ने खोला मोर्चा

उन्होंने कहा कि राज्य के गांवो मे बनाए गए क्वारंटाईन केंद्र यातना केंद्र में बदल गए हैं। कांग्रेस महामंत्रि ने कहा कि सरकार ने प्रवासियों को साधन विहीन, वित्त विहीन तथा प्रशिक्षण विहीन ग्राम प्रधानों के जिम्मे छोड़ दिया है। कोरोना महामारी से सुरक्षा के नाम पर राज्य में क्वारेन्टाइन किये गये प्रवासी नागरिकों को बदइंतजामी के चलते घटित घटनायें राज्य सरकार की लापरवाही एवं क्वारेंटाइन सैन्टरों की बदहाली एवं बदइंतजामी की कहानी बयां करते हैं तथा इससे ऐसा लगता है कि कोरोना महामारी की बजाय क्वारेंटाइन सैन्टरों में बद इंतजामी के चलते लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार से कई बार आग्रह किया था कि बाहर से आने वाले प्रवासियों के क्वारेंटाइन की व्यवस्था बेस कैम्पों में ही की जानी चाहिए तथा बेस कैम्पों में संख्या बढ़ने की स्थिति में जिला, तहसील अथवा ब्लाक मुख्यालयों में क्वारेंटाइन सैन्टर बनाये जाने चाहिए परन्तु राज्य सरकार द्वारा लोगों को सीधे गांवों मे भेज दिया जा रहा है तथा स्थानीय प्रषासन द्वारा इन लोगों की कोई सुध भी नहीं ली जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से प्रदेशभर में बनाये गये सभी क्वारेंटाईन सैन्टरों की उच्च स्तरीय जांच करवाये जाने तथा क्वारेंटाइन किये गये लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार अधकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें -   हल्द्वानी में बदला स्कूल टाइम, भीषण गर्मी के चलते बड़ा फैसला-अब इतने बजे तक ही खुलेंगे स्कूल
Apply Online admission 2020-21 visit :-
https://www.edumount.org/
Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440