आरती के महत्व को देखते हुए दीपक तैयार करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। देवी-देवताओं की पूजा में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। जो लोग विधि-विधान से पूजा नहीं कर पाते हैं, वे भगवान के सामने सिर्फ दीपक जलाकर भी पूजा कर सकते हैं। दीपक से आरती की जाती है। आरती के बाद ही पूजन कर्म पूर्ण होते हैं। आरती के महत्व को देखते हुए दीपक तैयार करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए दीपक से जुड़े कुछ खास नियम…

दीपक से जुड़े खास नियम
पूजा करते समय ध्यान रखें कि घी का दीपक अपने बाएं हाथ की ओर जलाना चाहिए। तेल का दीपक अपने दाएं हाथ की ओर रखना चाहिए।

दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

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मंत्र- शुभम् करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्। शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते।।
इस मंत्र का सरल अर्थ यह है कि शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की ज्योति को हम प्रणाम करते हैं।

  • इस बात का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए कि पूजा के बीच में दीपक न बुझे। ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है।
  • भगवान की प्रतिमा के ठीक सामने दीपक रखना चाहिए। कभी प्रतिमा के पीछे या इधर-उधर दीपक नहीं रखना चाहिए।
  • घी के दीपक के लिए सफेद रुई की बत्ती शुभ मानी जाती है और तेल के दीपक के लिए लाल धागे की बत्ती श्रेष्ठ बताई गई है।
  • कभी भी खंडित दीपक नहीं जलाना चाहिए। धार्मिक कार्यों में खंडित सामग्री शुभ नहीं मानी जाती है।
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