समाचार सच, हल्द्वानी (सुशील शर्मा)। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन के दौरान लोगों ने कई हुनर के उस्ताद मसलन, कारीगर, धोबी, टेम्पो चालक, चाउमिन का ठेला लगाने वाले ने भी सब्जी बेचने को मजबूर हो गये हैं। बीमारी के कारण जहां टेलर मास्टर, धोबी, हलवाई, टेम्पो चालक का काम बंद चल रहा है। जीवन यापन के लिए ये लोग सब्जी व फल के दुकानें लगा रहे हैं।
प्रशासनिक सख्त से न केवल सड़कें सुनसान नजर आ रही है बल्कि मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरूद्वारों में वीरानी छाई है। पंडित, मौलवी, पादरी और ग्रंथी लोगों को धार्मिक स्थलों में पूजा करने की मनाही है। वे लोगों से अपने घरों में अपने आराध्य देवों की आराधना के लिए कहते हैं। मंदिर के पास कोई फूल बेचने वाला नहीं है और जो किसान फूलों की खेती करते हैं उनसे कोई खरीदने वाला नहीं है। ठेले पर सब्जी बेचने वाले एक धोबी ने बताया कि शहर में लॉकडाउन के चलते कपड़े धोने एवं प्रेस करने का कार्य बंद होने के चलते वह सब्जी का ठेला लगा रहा है। सब्जी का व्यवसाय कम पूंजी में हो जाता है और सब्जी घूम-घूमकर बेचने में कोई सख्ती नहीं है। जिससे परिवार चलाने लायक कमाई हो जाती है। वहीं हलवाई कारीगर का कहना था कि इस बीमारी के चलते जहां शादी बारात आदि सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बंद हो गये हैं जिसके चलते परिवार का खर्च चलाने में आ रही मुश्किल को देखते हुए उनके द्वारा सब्जी का कार्य अपने एक दोस्त के साथ मिलकर शुरू किया है। जिससे उसका व उसके दोस्त के परिवार का लालन-पालन हो रहा है।

राजकुमार (आभूषण कारीगर) का कहना था कि लॉकडाउन के चलते काम बंद हो गया है, परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्होंने सब्जी का ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट भर रहे हैं।

अशोक कुमार (ऑटो चालक) ने कहते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान परिवहन सेवा बंद होने से उनके सामने आर्थिक संकट आ गया जिसके चलते वह तड़के मंडी जाकर सब्जी ला, जगह – जगह सब्जी बेच अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं।

सोनू गुप्ता (चाउमिन विक्रेता) लॉकडाउन के कारण उनका चाउमिन का कार्य बंद हो गया है। जिसके कारण वे बेरोजगार हो गये हैं। परिवार के भरण – पोषण के लिए मंडी से फल लाकर बेच रहे हैं।

सतीश केसरवानी (ऑटो चालक) लॉकडाउन के कारण उनका कार्य बंद हो गया है। रोजी- रोटी के लिए उन्होंने सब्जी बेचने का काम शुरू कर दिया क्योंकि परिवार का पेट पालना बेहद जरूरी है।

शंकर लाल राजपूत (टेलर मास्टर) वे टेलरिंग का कार्य करने वाले शंकर ने बताया कि लॉकडाउन के चलते उनकी दुकान बंद हो गयी है। जिसके चलते उनके लिए रोजी-रोटी का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में कुल छः सदस्य है जिसमें 4 छोटे – छोटे बच्चें हैं, जिनके लालन- पालन वह सब्जी बेचकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं।

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