दीनदयाल उपाध्याय ने देश को सुचिता की राजनीति का दर्शन दिया : त्रिवेंद्र सिंह रावत

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पं. दीनदयाल उपाध्याय का किया भावपूर्ण स्मरण

समाचार सच, देहरादून। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में स्वर्गीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी शिरकत की। इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने देश को सुचिता की राजनीति का दर्शन दिया है। उन्होंने कभी भी विचारधारा से कभी भी कोई समझौता नही किया है। वो कार्यकर्ताओं के प्रति जितने सरल व्यवहारिक रहे उतने ही कठोर अनुशासन प्रिय व्यक्तित्व रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरदृष्टि सोच के महान विचारक थे, उन्होंने समय कह दिया था कि जिस दिन समाज के अंतिम छोर पर बैठे सबसे निचले स्तर का व्यक्ति देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठेगा वही भारत के लोकतंत्र की असली सफलता होगी आज वही विचार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में देश को मिला है। उन्होंने कहा कि किसी ने सोचा भी नही होगा मथुरा के नागल गाँव मे एक बहुत ही निर्धन परिवार में जन्म लेने वाला अनाथ बालक के जीवन दर्शन से भारतीय राजनीति दर्शन का सूत्रपात होगा। इस अवसर पर त्रिवेंद्र रावत ने कृषि विधेयक पर कांग्रेस व अन्य दलों के विरोध को जनता को सिर्फ गुमराहित करना मात्र बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही सबसे पहले किसानों 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली देने व लगातार 12 घंटे बिजली देने का काम किया है जो आज कृषि विधेयक का विरोध कर रहे है उनको जनता को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने किसानों के हितों के लिए विगत 70 वर्षों में क्या क्या कार्य किये हैं। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने स्वर्गीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को महान विचारक व भाजपा के आदर्श पुरुष बताते हुए कहा कि दीनदयाल जी ने भारतीय राजनीति में एक वैकल्पिक विचार दिया जिसको भाजपा ही नही अन्य दलों ने भी स्वीकार किया है। बंशीधर भगत ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्ययोद और एकात्म मानव वाद के दर्शन को आज पूरे देश ही नही विश्व ने भी स्वीकार किया है और उसी विचार को आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ही किसानों की चिंता कर उनके हितों के लिए सदैव कार्य करती रही है। भाजपा हमेशा से ही ये मानती रही है कि देश का किसान अगर खुशहाल है स्वस्थ है तभी देश प्रगति कर सकता है। किसानों के स्वस्थ होने सर कभी देश भूखा नही राह सकता। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सबसे पहले डीबीटी योजना, प्रधानमंत्री किसान निधि सहित कई योजनाएं किसानों के कल्याण के लिए लाई हैं और अब कृषि विधेयक लाकर किसानों आय बढ़ाने व उनको विचौलियों के चंगुल से भी आजादी दिलाने का काम भाजपा सरकार ने किया है। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय से प्रसारित सम्बोधन लाइव सुना। राष्ट्रीय कार्यालय पर सम्पन्न कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, कुलदीप कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी डॉ देवेंद्र भसीन, खजान दास, हरबंश कपूर, विनय ग़ोयल, ज्योति गैरोला, पुनीत मित्तल, कौशतुबा नंद जोशी, मनवीर सिंह चौहान, कार्यक्रम का संचालन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम सयोंजक प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल ग़ोयल द्वारा किया गया।

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पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस पर भावपूर्ण स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत समेत कई भाजपाइयों ने दून स्थित दीनदयाल पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उधर, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को भारत निर्माण को वैचारिक दिशा देने वाला पुरोधा बताया। राज्यपाल ने कहा कि वह एक प्रखर राष्ट्रवादी, चिंतक और बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उनका एकात्म मानववाद और अंत्योदय का सिद्धांत आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। समग्र और समावेशी विकास के लिए उनकी दृष्टि अतुलनीय थी। उधर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद मंत्र और समाज सेवा जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। उनका संपूर्ण जीवन समाज सेवा के लिये समघ्पत रहा। वे महान चिंतक, विचारक और दार्शनिक होने के साथ ही एक योग्य राजनेता और कुशल पथ प्रदर्शक भी थे।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 104 वे जन्म दिवस के अवसर पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने अंबेडकर नगर मंडल धामा वाला वार्ड 26 में रईस अंसारी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेतृत्व में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर रईस अंसारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाला। रईस अंसारी ने कहा की पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद नामक विचारधारा दी। वे एक समावेशित विचारधारा के समर्थक थे जो एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। राजनीति के अतिरिक्त साहित्य में भी उनकी गहरी अभिरुचि थी। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में कई लेख लिखे, जो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था, जो नगला चंद्रभान (फरह, मथुरा) के निवासी थे। उनकी माता का नाम रामप्यारी था, जो धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। पिता रेलवे में जलेसर रोड स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर थे। दीनदयाल उपाध्याय जनसंघ के राष्ट्रजीवन दर्शन के निर्माता माने जाते हैं। उनका उद्देश्य स्वतंत्रता की पुनर्रचना के प्रयासों के लिए विशुद्ध भारतीय तत्व-दृष्टि प्रदान करना था। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए एकात्म मानववाद की विचारधारा दी। उन्हें जनसंघ की आर्थिक नीति का रचनाकार माना जाता है। उनका विचार था कि आर्थिक विकास का मुख्य उद्देश्य सामान्य मानव का सुख है।

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