‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में 3 लाख से ज्यादा छात्र जुड़े, ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ निबंध प्रतियोगिता का भी शुभारंभ
समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड के विद्यार्थियों के भविष्य और उनके सपनों को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इसी के साथ प्रदेश के विद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड—एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत भी हुई।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी।
इन मेधावी विद्यार्थियों को UPSC, SSC, CAT, NDA जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग और अन्य आवश्यक शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सामने आर्थिक परिस्थितियां उनके करियर की राह में बाधा न बनें और वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।
3 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम से प्रदेशभर के 2,828 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के 3 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने विचार और सुझाव भी रखे। छात्रों ने प्रदेश में खेलों को और बढ़ावा देने, सप्ताह में अधिक खेल पीरियड आयोजित करने, विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसर बढ़ाने, उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें स्वयं नोट किया और अधिकारियों को इन सुझावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।
‘नंबर’ से ज्यादा जरूरी विषय की समझ
छात्रों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई को बोझ न समझने और इसे अपने भविष्य को संवारने का माध्यम मानने की अपील की।
सीएम ने कहा कि परीक्षा में केवल अच्छे नंबर हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषय की गहरी समझ होना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में संस्कार और अनुशासन अपनाने तथा लगातार अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की सलाह दी।
‘संकल्प’ ऐसा हो जिसमें कोई विकल्प न हो
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने की भी सीख दी। उन्होंने कहा कि लीडर वही है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करता है। व्यक्ति का काम, समाज के प्रति संवेदना और अपने कार्य के प्रति समर्पण ही उसे दूसरों के लिए प्रेरणा बनाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ऐसा संकल्प लेना चाहिए, जिसमें पीछे हटने का विकल्प न हो। चुनौतियों से सीख लेते हुए लगातार आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है।
AI को लेकर भी विद्यार्थियों को दी नसीहत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण सलाह दी।
उन्होंने कहा कि AI उपयोगी और ज्ञानवर्धक तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को किसी भी विषय पर सबसे पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके बाद जरूरत पड़ने पर AI की सहायता ली जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक विद्यार्थियों की सहयोगी होनी चाहिए, उनकी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।
पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलों को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद प्रदेश में खेलों के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है।
अब राज्य के युवा खेलों में भी अपना भविष्य तलाश रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
विद्यार्थियों के लिए संवाद का रास्ता हमेशा खुला
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नई पीढ़ी की सोच, उनकी आकांक्षाओं और भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं को समझना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार सरकार के साथ खुलकर साझा करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तैयार है। विद्यार्थियों और सरकार के बीच निरंतर संवाद से ही बेहतर नीतियां और बेहतर भविष्य तैयार किया जा सकता है।

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