समाचार सच, हल्द्वानी। उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए हल्द्वानी के देव विहार, ऊंचापुल निवासी 64 वर्षीय अल्ट्रा मैराथन धावक शिवेंद्र सिंह बिष्ट ने लद्दाख में आयोजित प्रतिष्ठित खारदुंगला चौलेंज में शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने 72 किलोमीटर की बेहद चुनौतीपूर्ण अल्ट्रा मैराथन में 52 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि पर उन्हें 75 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई।
खारदुंगला चौलेंज को दुनिया की सबसे ऊंचाई पर आयोजित होने वाली कठिन अल्ट्रा मैराथनों में शामिल किया जाता है। यह चुनौतीपूर्ण दौड़ लद्दाख के खारदुंग गांव से शुरू होकर खारदुंगला टॉप तक पहुंचती है और विश्व की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड से गुजरते हुए लेह में समाप्त होती है।
प्रतियोगिता का मार्ग अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। खारदुंग गांव करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि धावकों को 17,618 फीट ऊंचे खारदुंगला टॉप तक पहुंचना पड़ता है। इसके बाद दौड़ लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित लेह में समाप्त होती है।
इतनी अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर काफी कम होने के कारण धावकों के लिए दौड़ पूरी करना बेहद कठिन होता है। शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती और ऊंचाई वाले वातावरण के अनुकूल शरीर को तैयार करना भी इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी चुनौती होती है।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश और विदेश से करीब 12 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इतनी ऊंचाई पर दौड़ने के लिए प्रतिभागियों को पहले से लद्दाख के वातावरण के अनुरूप खुद को ढालना पड़ता है।
शिवेंद्र सिंह बिष्ट भी प्रतियोगिता से पहले लद्दाख पहुंच गए थे और वहां रहकर लगातार अभ्यास करते हुए अपने शरीर को ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण के अनुकूल बनाया। कठिन परिस्थितियों में की गई उनकी तैयारी का परिणाम प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के रूप में सामने आया।
64 वर्ष की उम्र में शिवेंद्र सिंह बिष्ट की यह उपलब्धि न केवल हल्द्वानी बल्कि प्रदेश के युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

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