देवदूतों पर न हो प्रहार, सभ्य समाज की दरकार

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समाचार सच, हल्द्वानी। देश में कोरोना बीमारी को लेकर जहां चिकित्सक, पुलिस व अन्य लोग जीजान से जुटे हैं, वहीं समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो उनकी ड्यूटी में खलल डालकर उन पर हमला कर रहे हैं। कई स्थानों पर तो उनके साथ मारपीट हो रही है, या उनके साथ अश्लील व्यवहार किया जा रहा है। ऐसे में लोग अपने ड्यूटी पर नहीं पहुंचेगे तो इससे जानलेवा कोरोना का संकट और बढ़ जायेगा। ऐसी परिस्थिति में जो लोग उनके साथ गलत व्यवहार कर रहे है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बारे में आम जनमानस का क्या सोचना है इस बारे में सम्पादक अजय चौहान और संवाददाता दीप्ति खर्कवाल ने विभिन्न लोगों के विचार जाने। प्रस्तुत है बातचीत के अंश –

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखण्ड की पूर्व महानिदेशक डॉ0 कुसुम नरियाल का कहना है कि कोरोना बीमारी को लेकर वर्तमान में जीजान से जुटे चिकित्सक और उनकी टीमों पर हमले हो रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सों के साथ यह व्यवहार निंदनीय है। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

एडवोकेट जी.एस. किरौला का कहना है कि अधिकार के साथ कर्तव्य भी जानें ‘‘हमें अधिकार व कर्तव्य दोनों का पालन करना चाहिए। अगर कोई आदमी अपने को छिपा रहा है तो ये समाज विरोधी व देश के खिलाफ है। अगर ये लोग शासन का सहयोग नहीं करते तो ही सरकार को इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। अगर ये व्यक्ति कहीं छिपे होते हैं तो उन्हें वही घेरकर क्वाटींन कर देना चाहिए।

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डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल अमित जोशी का कहना है कि लोगों में जागरूकता की अभाव। धार्मिक गुरूओं को अपने समुदाय के लोगों को समझाना चाहिए कि देश के प्रति उनकी क्या जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार को उन पर बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। डाक्टर, सिपाहियों और कार्यरत लोगों पर हमला देश विरोधी है। इसे रोके जाने की आवश्यकता है।

बीमा एडवाइजर गिरीश पलड़िया का कहना है कि जो लोगों पर हमला करते हैं, उन पर रासुका लगनी चाहिए जिससे भविष्य में ये तत्व ऐसे अप्रिय कदम न उठा सकें।
नरेश राणा (कम्प्यूटर इंजीनियर) का कहना है कि यह सभ्य समाज के लिए गलत है। जरूरत है ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। भविष्य में ये लोग ऐसी हरकत न करें। इनके लिए कड़ी कार्रवाई होने चाहिए।

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कम्प्यूर्टस ग्राफिक्स एवं डिजाइनर कविता जोशी का कहना है कि जो लोग ऐसा कार्य करते हैं, उन पर आर्थिक जुर्माना लगना चाहिए, कार्रवाई तुरन्त होनी चाहिए जो लोग बदतमीजी करते हैं। उनसे मजदूरी करानी चाहिए। भविष्य में ऐसे निन्दनीय कार्य न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाये जाने चाहिए।

कराटे प्रशिक्षक महेन्द्र भाकुनी ने कहा कि यह कार्य समाज व मानवता के एक दम खिलाफ है। ये लोग चाहे किसी भी धर्म के हो, भारत सरकार को इन पर तुरन्त कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करूंगा कि ऐसे लोगों को मिलने वाली सुविधाओं को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाये, और अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाये, और आपदा अधिनियम के अन्तर्गत इन पर त्वरित गति से कार्रवाई की जाय।

महिला होमगार्ड सरोज बिष्ट ने कहा कि जहां डॉक्टर व पुलिस जान खतरे में डालकर कार्य कर रहे है। वहीं कुछ देशविरोधी तत्व गलत कार्य कर रहे हैं। यह निन्दनीय है इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाय।

Web Developer – नरेश सिंह राणा का कहना है कि यह सभ्य समाज के लिए गलत है। जरूरत है ऐसे लोगोें पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे भविष्य में लोग ऐसी हरकत न करें, इसके लिये सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।

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