अभिभावकों को बच्चों को ले जाने से नहीं रोकेगा दून स्कूल

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समाचार सच,देहरादून (फरहत रऊफ)। द दून स्कूल में कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद से अभिभावक एवं छात्रों में डर का माहौल है। यहां अब तक आठ छात्र और पांच शिक्षकों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि संक्रमित छात्र या शिक्षकों में किसी तरह के लक्षण नहीं हैं। स्कूल प्रशासन की ओर से नियमित तौर पर करवाई जा रही जांच में यह मामले पकड़ में आए हैं। स्कूल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह सभी सुरक्षा मानकों के साथ छात्रों की पूरी देखभाल कर रहे हैं, लेकिन अगर कोई अभिभावक अपने बच्चे को अपने साथ ले जाना चाहता है तो यह उनकी ही मर्जी है, स्कूल किसी को रोकेगा नहीं।

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द दून स्कूल में नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले छात्रों और शिक्षकों की कोरोना जांच में छह अप्रैल को सात छात्र एवं पांच शिक्षकों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। सात अप्रैल को एक और छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। स्कूल की डेवलपमेंट एंड एल्युमिनी रिलेशन एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर कृतिका जुगरान ने बताया कि ये सभी लोग पहले से ही आइसोलेशन में थे, इसलिए दूसरे छात्र शिक्षक और कर्मचारियों में संक्रमण नहीं फैला। उन्होंने बताया कि किसी भी शिक्षक और छात्र में अब तक कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे हैं और सभी की स्थिति सामान्य है। ऐसे में स्कूल में बने वेलनेस सेंटर में ही इनकी नियमित मॉनीटरिंग और इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद से 500 से ज्यादा लोग की आरटीपीसीआर जांच करवाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि स्कूल में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्कूल से बाहर जाने वालों की वापसी पर उनकी जांच कर रिपोर्ट आने तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। कृतिका ने बताया कि फिलहाल ऑनलाइन क्लास के जरिए की पढ़ाई करवाई जा रही है। अब तक स्कूल ने 1600 लोग की जांच करवाई है। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में छात्र और शिक्षकों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी वहां कंटेंनमेंट जोन भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही स्कूल में टीकाकरण अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है। बताया कि समय-समय पर पूरे परिसर का सैनिटाइजेशन भी हो रहा है

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