दशहरा 2025: दशहरे के दिन कुछ कार्यों को करना अत्यंत शुभ माना गया है लेकिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इस दिन?

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। दशहरा या विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार भगवान राम की लंकापति रावण पर जीत और मां दुर्गा की राक्षस महिषासुर पर विजय का उत्सव है। इस साल दशहरा 2 अक्तूबर को है। दशहरे के दिन शमी व शस्त्र पूजन अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि दशहरे के दिन कुछ कार्यों को करना अत्यंत शुभ माना गया है, जबकि कुछ कार्य अशुभ माने गए हैं। जानें दशहरा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

दशहरा के दिन क्या करें

यह भी पढ़ें -   खाई में समाई खुशियां… देवाल में दर्दनाक सड़क हादसा, तीन यात्रियों की मौत
  • दशहरा के दिन शस्त्र पूजन व शमी पूजा किया जाता है। इस दिन औजारों, वाहनों व पुस्तकों की साफ-सफाई करके उनका पूजन करने की परंपरा है।
  • विजया दशमी का दिन सबसे शुभ दिनों में से एक माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किसी नए काम की शुरुआत करना अत्यंत शुभ होता है।
  • दशहरे के दिन दुर्गा सप्तशती व चंडी का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा की कृपा से कार्यों में सफलता मिलती है।
  • दशहरे के दिन पीपल व शमी के वृक्ष के नीचे दीया लगाना अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन लोग घरों को दीए लगाकर रोशन करते हैं।
  • दशहरे के दिन रावण दहन की भी परंपरा है। रावण दहन नकारात्मकता और अंधकार को जलाने का प्रतीक है।
यह भी पढ़ें -   हल्द्वानीः पुताई का काम करने वाला निकला लाखों की चोरी का मास्टरमाइंड, 24 घंटे में धरा

दशहरा के दिन क्या नहीं करना चाहिए

  • दशहरा का पर्व पवित्रता व अच्छाई का प्रतीक है। इस दिन बहस व दूसरों की बुराई से बचना चाहिए।
  • हिंदू धर्म में दशहरा का दिन अत्यंत शुभ व पवित्र माना गया है। इस दिन मांस-मदिरा से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • दशहरे के दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और न ही फटी-पुरानी व नुकीली चीजों का दान करना चाहिए।
Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440