भागवत कथा रूपी अमृत की बराबरी स्वर्ग का अमृत भी नहीं कर सकता: व्यास सुशील महाराज

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समाचार सच, हल्द्वानी। श्री काल भैरव सन्यासाश्रम समिति के तत्वावधान में श्री पिप्लेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास सुशील महाराज ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि नवांह ज्ञान सत्र में भागवत कथा रूपी अमृत की बराबरी स्वर्ग का अमृत भी नहीं कर सकता है।

व्यास ने श्रद्धालुओं को अमृत के बारे में बताते हुए कहा कि अमृत तीन प्रकार के बताए गये हैं। पहला अमृत समुद्र मंथन से निकला जो धन्वन्तरि लाये उसे देवताओं ने पान किया। दूसरा अमृत चन्द्रमा में है वह वनस्पतियों में प्रकट हुआ उससे आयुर्वेद में औषधि बनी और तीसरा अमृत कलयुग में भागवत रूपी अमृत कथा है जो सर्वसुलभ है। यानि ‘‘जन्मान्तरे भवेत् पुण्यं तदा भागवतम् लभेव्’’।

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कथा में पूजा श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय के परमाचार्य महेश चन्द जोशी ने सम्पन्न कराया। इस दौरान महिलाओं ने सुंदर भजन की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आयोजक मण्डल के सदस्य भोलाशंकर जोशी ने बताया कि इस ज्ञान सत्र का पारायण 28 अगस्त रविवार को होगा।

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इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजक मण्डल मोहन सिंह बोरा, दिलीप मेहरोत्रा, पुष्कर सिंह बिष्ट, दिनेश खुल्वे, देवेन्द्र प्रसाद शाह, हरीश चन्द्र बेलवाल, नरेश जोशी, गोपाल बेलवाल, राजेन्द्र डोंगरा, जगदीश भगत, हरिप्रिया यति सहित भारी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

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