समाचार सच, काठमांडू।
नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तबाही का मंजर अभी भी कायम है। प्रभावित इलाकों में शुक्रवार को भी राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। इस बीच नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की ताजा स्टेटस रिपोर्ट ने आपदा की भयावहता को और सामने ला दिया है।
अथॉरिटी के मुताबिक बाढ़ के बाद अब तक 389 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। 73 लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार ये आंकड़े जिला प्रशासन कार्यालयों तथा जिला और राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तैयार किए गए हैं।
लापता लोगों में सुरक्षाकर्मी और विदेशी नागरिक भी
977 लापता लोगों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इनमें नेपाल पुलिस के 28, नेपाल सेना के 45 और आर्म्ड पुलिस फोर्स नेपाल के 13 जवान शामिल हैं।
इसके अलावा कस्टम्स ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी भी लापता बताए गए हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं विदेश में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक, जो घूमने के लिए नेपाल आए थे, उनका भी अभी पता नहीं चल पाया है।
हजारों जवान और 15 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में
लापता लोगों की तलाश और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए नेपाल ने अपना पूरा सुरक्षा तंत्र मैदान में उतार दिया है।
कुल 13,295 सुरक्षाकर्मी राहत और बचाव अभियान में लगाए गए हैं। इनमें नेपाल पुलिस के 7,250, नेपाल सेना के 4,200 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 1,845 जवान शामिल हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में 15 हेलीकॉप्टर भी लगाए गए हैं। इनमें छह नेपाल सेना और नौ निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टर हैं।
मलबे ने बढ़ाई मुश्किलें
बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब रेस्क्यू टीमों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। कई इलाकों में बाढ़ अपने साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर आई, जिसके कारण सड़कें बंद हो गई हैं।
कई रास्तों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे राहत और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मी लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
अपनों की तलाश में जुटे लोग
नुवाकोट जिले के त्रिशूली में गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग अपने लापता परिजनों की जानकारी हासिल करने के लिए सैनिक मैदान में पहुंचे। किसी को अपने माता-पिता की तलाश है तो कोई अपने भाई, बहन या दूसरे परिजन के लौटने का इंतजार कर रहा है।
आपदा के बाद कई परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके अपने कहां हैं और किस हाल में हैं। राहत शिविरों और प्रशासनिक केंद्रों पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
अमेरिका ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बाद अमेरिका ने भी राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग का ऐलान किया है।
अमेरिकी विदेश विभाग की पॉलिटिकल अफेयर्स की अंडर सेक्रेटरी एलिसन एम. हुकर ने बताया कि उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री के साथ खोज और बचाव अभियान को लेकर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट बाढ़ से प्रभावित समुदायों की मदद के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता उपलब्ध करा रहा है।
अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर नेपाल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की मदद और लापता नागरिकों की तलाश में सहयोग कर रहा है।
नेपाल में जारी है सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
भोटेकोशी बाढ़ के बाद नेपाल के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत कार्य आसान नहीं है। इसके बावजूद हजारों सुरक्षाकर्मी और बचावकर्मी लगातार लापता लोगों को तलाशने में जुटे हैं।
389 शव बरामद होने और 977 लोगों के अब भी लापता होने का आंकड़ा इस आपदा की भयावहता को बयां कर रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों का पता लगाने पर है।

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