हल्द्वानी में जुलूस निकाल रहे गौला कारोबारियों की पुलिस से झड़प, एसडीएम ने कराया शांत

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समाचार सच, हल्द्वानी। खनन व फिटनेस के निजीकरण को लेकर खनन कारोबारियों का विरोध थम नहीं रहा है। यहां सोमवार को गौला खनन संघर्ष समिति के सदस्यों ने पम्मी सैफी के नेतृत्व में चोरगलिया रोड कार्यालय से बुद्ध पार्क तक जुलूस निकाला। जुलूस निकालने की भनक मिलते ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने जुलूस निकालने का अनुमति पत्र दिखाने को कहा तो समिति के लोग अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। पुलिस ने साफ कहा कि बिना अनुमति के जुलूस नहीं निकालने दिया जाएगा और पुलिस ने चोरगलिया रोड पर बैरिकेटिंग लगाकर उसे ब्लॉक कर दिया। जुलूस निकालने को लेकर गौला खनन वाहन स्वमियों की पुलिस से झपड़ और धक्का मुक्की होने लगी। जिससे वहां पर काफी देर तक अफरार तफरी का माहौल रहा।

सोमवार को गौला खनन से जुड़े वाहन स्वामियों का बुद्धपार्क में धरना प्रस्तावित था। धरने देने के लिए लालकुआं आदि क्षेत्रों से खनन कारोबारी बुद्धपार्क पहुंच गए। वहीं गौला संघर्ष समिति को चोरगलिया रोड से जुलूस की शक्ल में बुद्धपार्क पहुंचना था लेकिन पुलिस ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। उनकी पुलिस ने जमकर धक्का मुक्की शुरू हो गई। जिससे अफरार तफरी का माहौल् पैदा हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीएम परितोष वर्मा मौके पर पहुंच गए और खनन कारोबारियों को शांत कराया। उन्होंने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद खनन कारोबारियों का गुस्सा शांत हुआ।

इधर, गौला संघर्ष समिति के अध्यक्ष पम्मी सैफी ने सरकार पर गौला खनन से जुड़े वाहन स्वामियों का शोषण करने का आरोप लगाया। कहा, सरकार ने पहले वाहनों की फिटनेस निजी सेंटरों से कराने का फरमान जारी कर दिया। अब खनन रॉयल्टी भी निजी हाथों में दे दी गई है जिससे वाहन स्वामियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गौला नदी में वैसे ही खनन कार्य तीन महीने देरी से शुरू हुआ है। ऐसे में खनन से जुड़े वाहन स्वामियों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गौला नदी में वन विभाग की देखरेख में वन विकास निगम खनन कराता है। लेकिन इस बार खनन रॉयल्टी निजी हाथों में दे दी गई है। उन्होंने कहा कि गौला नदी में खनन से सरकार को 200 करोड़ का राजस्व मिलता है तो हजारों खनन श्रमिक, डंपर चालक और वाहन चालक की रोजी रोटी भी इसी से चल रही है। पम्मी सैफी ने कहा कि गौला नदी में पूर्व में खनन कराने की जिम्मेदारी निजी ठेकेदार के हाथ थी। तब खूब आपराधिक वारदातें हुआ करती थी। गौला नदी में बहुत बमुश्किल से खनन पटरी पर आया है। अब सरकार फिर से यहां पर माफियाराज फैलाने का प्रयास कर रही है। कहा, निजीकरण की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

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इस दौरान पम्मी सैफी अध्यक्ष गौला संघर्ष समिति, अरशद अयूब, पंकज पाण्डे, नफीस, सतनाम सिंह, सुखजीत सिंह, सईद, बबलू, पृथ्वी पाठक, उमेश भट्ट, सरदार सुरजीत सिंह, हरीश पाण्डे, फईम आदि सैकड़ों लोग शामिल रहे।

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Gaola traders taking out procession in Haldwani clash with police, SDM calms them down

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