ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर देहरादून में भव्य आयोजन, सीएम धामी बोले- भारत की सेना ने दुनिया को दिखाई ताकत

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समाचारा सच, देहरादून। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड सैनिक कल्याण विभाग की ओर से देहरादून स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर : शौर्य, सम्मान और वीरता के एक वर्ष’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए दुश्मनों को करारा जवाब दिया है।

सीएम धामी ने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस और वीरता की बदौलत आज कोई भी दुश्मन भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी घोषणा की कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्य धाम को जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से केंद्र सरकार ने सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ी कई पुरानी मांगों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार त्योहारों और विशेष अवसरों पर सैनिकों के बीच पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ाते रहे हैं।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया।

इस ऑपरेशन के तहत 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की। रात 1:05 बजे शुरू हुए इस अभियान में मात्र 25 मिनट के भीतर आतंकियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से अपने शौर्य और रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और आत्मनिर्भर रक्षा नीति का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है, जो देश की बढ़ती सैन्य ताकत का प्रमाण है।

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की सरपरस्ती में आतंकियों ने जिस तरह बहन-बेटियों के सम्मान को चुनौती देने का प्रयास किया, भारतीय सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया। आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराया गया।”

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