अतिथि शिक्षकों ने तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर किया विधानसभा कूच, प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व सीएम हरीश रावत

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान तदर्थ नियुक्ति की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में विधानसभा कूच किया। कूच के दौरान शिक्षकों को पुलिस ने रिस्पना पुल के पास ही बेरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। अतिथि शिक्षक संघ के सदस्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि मांग पूरी न होने तक वे धरने पर ही बैठे रहेंगे। इधर शिक्षकों के प्रदर्शन को देखते हुए उनको बातचीत के लिए विधान भवन में बुलाया गया था, लेकिन वार्ता के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में सत्र के दूसरे दिन भी प्रदर्शन होगा।

यह भी पढ़ें -   हल्द्वानीः जनहित खबर के बाद विवाद, पत्रकारों ने खोला मोर्चा

शिक्षकों के विधानसभा कूच में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शामिल होकर शिक्षकों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि वो अतिथि शिक्षकों के साथ अपनी भावनात्मक एकजुटता प्रदर्शित करने के उद्देश्य से प्रदर्शन में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि, इन शिक्षकों के ऊपर राज्य के बच्चों का भविष्य निर्भर करता है, लेकिन सरकार ने इनके सामने गंभीर अनिश्चितता खड़ी कर दी है. सरकार को इस अनिश्चितता को दूर करते हुए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

इधर, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक भट्ट का कहना है कि, अतिथि शिक्षक बीते 8 वर्षों से प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात हैं, लेकिन सरकार उनको तदर्थ नियुक्ति नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में 2 सालों से जो वेतन भोगी कम कर रहे थे उन्हें वहां की सरकार ने नियमित कर दिया है, लेकिन उत्तराखंड सरकार अतिथि शिक्षकों को तदर्थ नियुक्ति नहीं दे रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि तत्काल एक बैठक करके तदर्थ नियुक्ति का प्रस्ताव पास किया जाए।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440