High Court

हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, 7 सितंबर को हो सकती है सुनवाई; साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग

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समाचार सच, नैनीताल।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ का विवाद अब नैनीताल हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले को लेकर देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ की ओर से याचिका दायर की गई है। मामले में आगामी 7 सितंबर, सोमवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

याचिका में कहा गया है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की आमसभा आयोजित हुई थी। इसके कुछ दिन बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा मैदान और मंच पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाने तथा गंगाजल का छिड़काव किए जाने की बात सामने आई थी। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष दावा किया गया है कि कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थान पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल का छिड़काव किया गया, जिसे ‘शुद्धिकरण’ कहा गया। याचिका में कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह के स्पष्टीकरण सामने आए और कुछ धार्मिक नारों का भी कथित तौर पर उल्लेख हुआ।

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याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि इस तरह की घटनाओं से समाज में वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। याचिका में सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से घटनाक्रम से संबंधित जानकारी मांगे जाने का भी उल्लेख किया गया है।

वीडियो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इसमें घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग, CCTV फुटेज सहित इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को संरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है।

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याचिका में राज्य सरकार को मामले में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग भी की गई है।

कांग्रेस लगातार कार्रवाई की कर रही मांग
गौरतलब है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को मैदान और मंच पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाने का मामला सामने आया।

कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को ‘शुद्धिकरण’ बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं भाजपा की ओर से कांग्रेस पर इस मामले को जातिगत रंग देने का आरोप लगाया गया है।

अब मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद पूरे विवाद पर न्यायिक प्रक्रिया की नजर रहेगी। संभावित रूप से 7 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत के समक्ष याचिका से जुड़े पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।

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