पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता हैं हरियाली तीज व्रत, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

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-डॉक्टर आचार्य सुशांत राज

समाचार सच, देहरादून (अध्यात्म डेस्क)। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व है। सुहागिनों के प्रमुख त्योहारों में से एक हरियाली तीज 11 अगस्त 2021, बुधवार को पड़ेगा। हिंदू पंचांग, हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इसके साथ पति के निरोगी होने की कामना करती हैं। इस व्रत को कठिन माना जाता है। हरियाली तीज व्रत को निर्जला रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सावन में पड़ने के कारण इस व्रत को श्रावणी तीज भी कहा जाता है।

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हरियाली तीज 2021 शुभ मुहूर्त- श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 10 अगस्त, मंगलवार की शाम 06 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। तृतीया तिथि 11 अगस्त 2021, बुधवार को शाम 04 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी।

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हरियाली तीज महत्व- मान्यता है कि इस दिन माता शिव व माता पार्वती की पूजा करने व व्रत रखने से अखंड सौभाग्य का वर मिलता है। घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। पति के निरोगी रहने का आशीर्वाद भी प्राप्त होने की मान्यता है।

हरियाली तीज पूजा विधि- आज के दिन सभी सुहागन स्त्रियां स्नान आदि से निवृत होकर मायके से आए हुए कपड़े पहनती हैं। आज के दिन सबसे पहले पूजा के शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर माता पार्वती के साथ भगवान शिव और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद मां पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री, साड़ी, अक्षत्, धूप, दीप, गंधक आदि अर्पित करें। अब शिव जी को भांग, धतूरा, अक्षत्, बेल पत्र, श्वेत फूल, गंधक, धूप, वस्त्र आदि चढ़ाएं। इसके बाद अब गणेश जी की पूजा करते हुए हरियाली तीज की कथा सुनें। फिर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।

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