समाचार सच, देहरादून। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड के आह्वान पर आज आंदोलन के चतुर्थ चरण में आज प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बिना अन्न ग्रहण किये अपनी ड्यूटी की। उसके साथ ही अपना विरोध प्रदर्शन भी किया। आज सबसे अग्रिम पंक्ति में कार्य कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ भेदभाव पूर्ण और दोहरा व्यवहार किया जा रहा है, जिसके कारण सभी कर्मचारी आक्रोशित है और दुखी हैं। प्रदेश महामंत्री दिनेश लखेड़ा, जिला मंत्री राकेश कुमार भंवर ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मी उसी पद से सेवानिवत्त हो जाता है, उसे कोई पदोन्नति भी नसीब होती है। जो पढ़े लिखे कर्मचारी हैं उनको अगर पदोन्नति मिल भी गयी तो लिपिक के पद पर वो10 साल में या18 साल में उसका कोई पता नहीं है। इसलिये संघ द्वारा मांग की गई कि जैसे पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की पदोन्नति जो कर्मी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट है वेक्सीनेटर में कर दी जाये, जोखिम भत्ता, एक माह का मानदेय दिया जाए पर कोई बात सुनने को तैयार नही है। जिला उपाध्यक्ष ममता, वरिष्ठ नेता सुरेश चंद और राजेंद्र तेश्वर ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मी अग्रिम पंक्ति में ड्यूटी करने के बाद भी कर्मचारियों की पदोन्नति नही है, तो स्टर्फि़ंग पेटर्न पर 4200 ग्रैड पे और आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल और गुरुकुल के कर्मियों का डीडीओ कोड बहाल होना चाहिए। ये आन्दोलन जब तक चलेगा जब तक वार्ता कर मांगो का समाधान नहीं होता। ड्यूटी पर रहकर विरोध करने वालों में शिव नारायण सिंह छत्रपाल, राकेश भंवर, राजेन्द्र तेश्वर, ममता, दीपक, सुरेश, महेश कुमार, दिनेश नोटियाल, अरुण कुमार, मुकेश, धर्मसिंह, अजय रानी, रजनी ममता, सुदेश अनिता उपस्थित थे।
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