होली के गीतो से हुआ मां कालिका मंदिर का वातावरण होलीमय

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समाचार सच, हल्द्वानी। कुमाऊं की होलियां संगीत और गायन दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। खड़ी होली की शुरुआत कल रविवार 13 मार्च फाल्गुन एकादशी से खड़ी होलियां का गायन शुरू हो गया है, खड़ी होलियों का यह क्रम छलड़ी (मुख्य होली) के दिन 19 मार्च तक चलेगा। जिसके तहत आज सोमवार को यहां हल्द्वानी महानगर के कालाढूंगी रोड स्थित सिंचाई कालोनी स्थित मां कालिका मंदिर परिसर में महिलाओं द्वारा होली का गायन कर मां काली को मनाया। इस दौरान महिलाओं ने होली गायन से पूरा मंदिर परिसर होलीमय हो गया।

महिलाओं ने सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन, होली खेलें गिरजपति नन्दन, बलमा घर आये फागुन में, रंग में होली कैसे खेलूगीं मैं सांवरिया के संग, शिव शंकर खेलत हैं होरी, साथ लिए गौरा गोरी, जल कैसे भरूं जमुना गहरी, अम्बा के भवन में विराजै होरी, ब्रहमा विष्णु खेलन आये, भर पिचकारी रंग डालो रे, होली आई रसिया, मेरी रंगीलो चंगीलो देवर घर एरौछ होली के गीतों से लोगों झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मंदिर के महन्त हरीश चन्द्र जोशी ने सभी भक्त श्रद्धालुओं को गुलाल-अबीर का टीका लगाकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने होली की शुभकामना देते हुए सभी से होली के त्योहार को गिले शिकवे भूल कर प्रेम पूर्वक मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि होली पर केमिकल युक्त रंगो का इस्तेमाल ना करें, और ऑरगेनिक रंगों का ही प्रयोग करें। इस अवसर पर भारी संख्या में भक्त श्रद्धालु मौजूद थे।

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