क्वारंटीन सेंटर में फांसी मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून। उतराखंड मानवाधिकार आयोग ने बालावाला क्वारंटीन सेंटर में युवक के फांसी लगाने के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव, जिलाधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्साधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

आयोग ने इन सभी को 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विजय कुमार बिष्ट, सदस्य न्यायमूर्ति अखिलेश चंद्र शर्मा एवं राम सिंह मीना की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह प्रकरण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। क्वारंटीन सेंटर की देखभाल करने वाले को खानपान इत्यादि की सुविधा के लिए हर दिन धनराशि दी जाती है। उससे यह अपेक्षा की जाती है कि वह क्वारंटीन किए गए व्यक्ति से प्रतिदिन कम से कम चार से पांच बार संपर्क करते होंगे। वह उसे सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और शाम की चाय और रात्रि का भोजन उपलब्ध कराते होंगे। इसके अलावा सफाई कर्मचारी एवं स्वास्थ्य कर्मचारी भी सफाई एवं स्वास्थ्य की व्यवस्था करते होंगे। इस प्रकरण में सभी अत्यंत लापरवाह बने हुए थे। दूसरी और प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अपनी व्यवस्था के लिए पत्र-पत्रिकाओं एवं मीडिया में बहुत अच्छी बातें करते हैं। आयोग की ओर से कहा गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने प्रकरण में स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव उतराखंड शासन, जिलाधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून को नोटिस जारी करते हुए उन्हें आदेशित किया है कि वह प्रकरण में अपना जवाब 10 दिनों के भीतर आयोग के सामने किसी सक्षम अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करें।

यह भी पढ़ें -   हल्द्वानी में बदला स्कूल टाइम, भीषण गर्मी के चलते बड़ा फैसला-अब इतने बजे तक ही खुलेंगे स्कूल
Apply Online admission 2020-21 visit :-
https://www.edumount.org/

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440