आईएएस राधा रतूड़ी को बनाया गया प्रदेश का नया मुख्य सचिव, 18वें मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाला

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड को आज पहली महिला मुख्य सचिव मिल गई है। सरकार ने आईएएस राधा रतूड़ी को प्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया है। 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु का कार्यकाल आज समाप्त हो गया है। संधु को सेवानिवृत्ति के बाद छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया था, जो आज पूरा हो गया।

1988 बैच की आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी ने उत्तराखंड के 18वें मुख्य सचिव के रूप में आज बुधवार को सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मुख्य सचिव रतूड़ी को पदभार सौंपा।

आईएएस राधा रतूड़ी अपने 36 वर्ष के कार्यकाल में कई अहम पदों पर आसीन रही हैं। वह अपर मुख्य सचिव महिला सशक्तिकरण, राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी देहरादून समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका का निर्वहन कर चुकी हैं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद राधा रतूड़ी राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर आसीन होने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं। इससे पूर्व 1973 बैच की आईपीएस अधिकारी कंचन चौधरी भट्टाचार्य वर्ष 2004 में राज्य की पहली महिला डीजीपी बनी थीं।

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आईएएस राधा रतूड़ी के पति 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी अनिल रतूड़ी भी डीजीपी रहे हैं। राज्य में भारतीय वन सेवा के सर्वोच्च पद प्रमुख मुख्य वन संरक्षक का दायित्व भी वर्ष 2016 में 1980 बैच की महिला आइएफएस अधिकारी बीना सेखरी संभाल चुकी हैं। यह संयोग राज्य में पहली बार होगा, जब पति व पत्नी, दोनों ही प्रशासनिक व पुलिस सेवा के वरिष्ठतम पद पर आसीन रहे हों।

इधर इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कहना है कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को आगे ले जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री धामी के मूल मंत्र सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि की दिशा में एक टीम के रूप में कार्य करते हुए देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।

उन्होंने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) पर आगे कहा, ”यूसीसी के लिए बनी एक्सपर्ट कमेटी 2 फरवरी को अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपेगी। 3 फरवरी को रिपोर्ट कैबिनेट के सामने रखी जाएगी। 5 से 8 फरवरी तक राज्य विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जहां UCC विधेयक पारित किया जाएगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, राधिका झा आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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