समाचार सच, देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने सचिवालय में आम जनता के प्रवेश पर पाबंदी को लेकर उपवास पर बैठने की चेतावनी दी है। प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण बढ़ने के बावजूद शिक्षण संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों में कामकाज और जनता की आवाजाही सुचारू कर चुकी है लेकिन सचिवालय में आम जनता के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है। आम व्यक्ति भले ही अपनी जरूरत के बावजूद सचिवालय में प्रवेश नहीं कर पा रहा है, लेकिन सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े व्यक्तियों की आवाजाही पर रोक नहीं होने पर सचिवालय संघ से लेकर तमाम कर्मचारी संगठन आपत्ति जता चुके हैं। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले भी इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्ट में सरकार को निशाने पर ले चुके हैं। अब उन्होंने मुख्य सचिव और सरकार को एक हफ्ते की मोहलत दी है। अपनी पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि जब सब कुछ खोल दिया गया है तो सचिवालय में प्रवेश पर प्रतिबंध रखना उचित नहीं है। इससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि हफ्ते के आखिर तक सचिवालय को आम जनता के लिए खोला नहीं गया तो वह उपवास पर बैठेंगे।
अपने फेसबुक एकाउंट मे हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में लिखा की मेरे उपवासों की लिस्ट भी बहुत लंबी होती जा रही है। मैंने, राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह व मुख्य सचिव ओम प्रकाश से अनुरोध किया था कि जब कोरोना काल के दिनों में आपने सब चीज खोल दिया है, तो फिर ये सचिवालय में क्या ऐसा खतरा है कि आप सचिवालय में प्रवेश निषिद्ध बना रखा है। आम आदमी अपने काम के लिए आता है, आपने प्रवेश निषिद्ध कर दिया है। यदि आप इस हफ्ते के आंखिर-आंखिर तक सचिवालय में प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं हटाएंगे तो मुझे इसके खिलाफ भी उपवास पर बैठना पड़ेगा।
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