अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह ने असम के युवक-युवतियों को बनाया बंधक

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समाचार सच, ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के कुनाऊं गांव में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह ने असम से नौकरी के लिए आए दो युवक और एक युवती को 24 दिन तक बंधक बनाकर कर रखा। तीनों पीड़ित किसी तरह ठगों के चंगुल से भाग निकले। ठग पीड़ित युवकों और युवती का पीछा कर बैराज पुल पहुंचे। यहां ठगों ने एक युवक के साथ मारपीट कर उसका उसका मोबाइल फोन नहर में फेंक दिया। सुबह की सैर के लिए आए लोगों के शोर मचाने के बाद तीनों ठग फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कमरे से सात लैपटॉप, वाईफाई राउटर, हेडफोन, मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
सुबह करीब 7 बजे घटना स्थल पर मौजूद नेता प्रतिपक्ष निगम नगर मनीष शर्मा ने 112 हेल्पलाइन पर फोन कर घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची लक्ष्मणझूला पुलिस पीड़ित दोनों युवकों और युवती को थाने ले आई। यहां असम के गुवाहटी के हाटी गांव निवासी आरुप पुत्र चितरंजन ने पुलिस को बताया वह और उसके दोस्त शिलांग निवासी लिंडा उर्फ गौरी और रिचर्डसन गुवाहटी में नौकरी कर रहे थे। इस बीच उन्होंने ऑनलाइन टेलीकॉलर की नौकरी के लिए आवेदन किया।
गौरव नाम के व्यक्ति ने उनका फोन पर साक्षात्कार लिया। चयन होने के बाद मनोज नाम का व्यक्ति उनको लेने के लिए गुवाहटी पहुंचा। गुवाहटी से वह हवाई यात्रा कर पौड़ी गढ़वाल के कुनाऊं गांव लाए गए। लेकिन यहां गांव में घर में संचालित कॉल सेंटर की हालत देख उनका माथा ठनका। तीसरे दिन ही उनको पता चल गया वह अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों के लिए काम कर रहे हैं। जब उन्होंने काम छोड़ने की बात कही तो आरोपियों ने उनको जान से मारने की धमकी देने लगे।

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