समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिन्दू धर्म में सप्ताह के सभी दिन किसी न किसी देवता या भगवान को समर्पित हैं। आज गुरुवार का दिन भागवान विष्णु को समर्पित होता है। पौराणिक कहानियों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि छोटी-छोटी चीजें हमारे जीवन को कैसे प्रभावित कर सकती है। आज के दिन कुछ ऐसे काम होते हैं जिसे करने से बचना चाहिए, इसका प्रभाव अच्छा नहीं होता और इससे नकारात्मकता फैलती है। आइये आपको बताते हैं आज गुरुवार के दिन किन कामों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए…
इन कामों से बचें
कपड़े धोना, पोंछा लगाना, कबाड़ बाहर निकलना आदि आपके बृहस्पति ग्रह पर प्रभाव डालता है। वास्तु के अनुसार माना जाता है कि हमारे घर की दिशा ईशान कोण जिसका गुरु बृहस्पति ग्रह होता है। साथ ही इस दिशा का संबंध परिवार के बच्चों, शिक्षा और धर्म का होता है। इसलिए ये काम नहीं करना चाहिए। नहीं तो आपकी संतान, शिक्षा और धर्म पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
महिलाओं को बाल नहीं धुलना चाहिए
आज के दिन महिलाओं को बाल नहीं धोना चाहिए, क्योंकि महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक होता है। साथ ही संतान का भी कारक होता है। जिसके कारण इस दिन बाल धोने से बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है। जिससे शुभ काम होने में अड़चन आती है और हमेशा बीमारी बनी रहती है। बाल भी नहीं कटवाना चाहिए जिसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है। उनकी उन्नति बाधित होती है।
जानवरों को नहीं मारना चाहिए
जानवरों और पक्षियों को भी भगवान ने बनाया है। उन्हें मारने से न सिर्फ पाप लगता है बल्कि इससे आने वाले जन्मों में भी दुख झेलना पड़ सकता है। जानवरों को कभी नहीं मारना चाहिए। चाहे दिन कोई भी हो। आप गुरुवार के लिए जानवरों को रोटी खिलाने के साथ प्रण ले सकते हैं कि आप उनपर कभी अत्याचार नहीं करेंगे।
काला वस्त्र न पहनें
आज के दिन आप काले रंग के वस्त्र न पहनें बल्कि पीले रंग के कपड़ें पहनें इससे आपके अंदर सकारात्मकता का संचार होगा। आप शनिवार के दिन काले वस्त्र पहन सकते हैं।
गुरुवार पूजन विधि
गुरुवार के दिन सुबह स्नान कर विष्णु भगवान की पूजा करें। पूजन में पीली वस्तुएं, पीले फूल, चने की दाल, मुनक्का, पीली मिठाई, पीले चावल और हल्दी चढ़ाएं। इस दिन केले के पेड़ की भी पूजा की जाती है। कथा पढ़ते और पूजन के समय सच्चे मन से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें। जल में हल्दी डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाएं और केले की जड़ में चने की दाल और मुनक्का चढ़ाएं। इसके पास ही दीपक जलाकर पेड़ की आरती करें। गुरुवार के व्रत में दिन में एक समय ही भोजन करना चाहिए। पूजन के बाद भगवान गुरुवार की कथा सुननी चाहिए।
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